'समाज सेवा ही सबसे बड़ा धर्म, सभी का नैतिक कर्तव्य', प्रयागराज में बोले असम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य
असम (ओसोम) के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य ने प्रयागराज में सुमंगलम सेवा न्यास के कार्यक्रम में रविवार को शामिल हुए। उन्हों ...और पढ़ें

प्रयागराज में सुमंगलम सेवा न्यास के स्थापना दिवस समारोह में शामिल असम (ओसोम) के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य व अन्य विशिष्टजन। जागरण्
HighLights
सुमंगलम सेवा न्यास के स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए राज्यपाल
यमुनापार में औद्योगिक क्षेत्र के चाड़ी गांव स्थित है श्री सुमंगलम सेवा न्यास
संवाद सहयोगी, जागरण, नैनी (प्रयागराज)। असम (ओसोम) के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य रविवार को प्रयागराज में रहे। इस दौरान यमुनापार में औद्योगिक क्षेत्र के चाड़ी गांव स्थित श्री सुमंगलम सेवा न्यास के स्थापना दिवस समारोह 'सुसंकल्प-2026' में शामिल हुए। उन्होंन5े कहा कि मानव जीवन में सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। समाज की सेवा करना सभी का नैतिक कर्तव्य है ।
राज्यपाल ने कहा कि इस संसार में जो कुछ भी मिलता है, वह समाज से ही व्यक्ति को मिलता है। व्यक्ति समाज को क्या देता है इस पर सभी को मूल्यांकन करना चाहिए। हमने जो कुछ प्राप्त किया, इस धरती से ही प्राप्त किया है। समाज से ही सब कुछ मिला है, इसलिए समाज के प्रति समर्पित रहना चाहिए। मनुष्य माता का पिता का ऋषियों का कर्जदार होता है। समाज सेवा करके उसे उतारा जा सकता है।
मुख्य वक्ता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचारक अनिल ने कहा कि समाज सेवा को हर मनुष्य को अपना धर्म समझना चाहिए। वह जिस विद्या का मालिक होता है। उसे समाज के प्रति समर्पित कर देना चाहिए, जिससे समाज का हर वर्ग उन्नति करेगा। देश में चारों ओर खुशहाली रहेगी। जब चारों ओर खुशहाली रहेगी तो अपना जीवन स्वयं खुशहाल हो जाएगा।
इससे पहले सेवा न्यास के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति की। संचालन आभा श्रीवास्तव ने किया। अतिथियों का स्वागत न्यास के अध्यक्ष आशीष केसरवानी ने किया। राज्यसभा सदस्य राधाकांत ओझा, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. बीके सिंह, विधायक दीपक पटेल व पीयूष रंजन निषाद, गुरु प्रसाद मौर्य, जिला अध्यक्ष संजय गुप्ता, संजीव अग्रवाल, राजेश शुक्ला आदि उपस्थित रहे।
