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इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, छात्रों ने निकाला मार्च व कुलपति को भेजा ज्ञापन

By Mritunjay Mishra Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 29 Oct 2026 05:35 PM (IST)

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर छात्रों ने मार्च निकाला और कुलपति को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने 2015 से चुनाव न होने पर नाराजगी जताई।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर प्रदर्शन करते दिशा छात्र संगठन के कार्यकर्ता। सौ. संगठन

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर प्रदर्शन करते दिशा छात्र संगठन के कार्यकर्ता। सौ. संगठन

HighLights

  1. 2015 से छात्रसंघ चुनाव न होने पर जताई नाराजगी, छात्रों के प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाया

  2. दिशा छात्र संगठन समेत विभिन्न छात्र संगठनों के संयुक्त आह्वान पर जुटे छात्रों ने की सभा

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर गुरुवार को दिशा छात्र संगठन समेत विभिन्न छात्र संगठनों के संयुक्त आह्वान पर मार्च निकाला गया। छात्रों ने छात्रसंघ भवन से कुलपति कार्यालय की ओर मार्च किया। बाद में डीएसडब्ल्यू कार्यालय पहुंचकर सभा की। इसके बाद कुलपति को संबोधित ज्ञापन डीएसडब्ल्यू को सौंपा।

डीएसडब्ल्यू कार्यालय के समक्ष छात्रों की की सभा

मार्च में शामिल होने के लिए सुबह 11 बजे से ही छात्र छात्रसंघ भवन पर जुटने लगे। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में छात्र एकत्रित हो गए और छात्रसंघ बहाली के समर्थन में नारे लगाते हुए आगे बढ़े। डीएसडब्ल्यू कार्यालय पहुंचने के बाद सभा आयोजित की गई। इसका संचालन दिशा छात्र संगठन की निधि ने किया।

छात्रसंघ छात्रों के न्यायपूर्ण संघर्षों का प्रभावी माध्यम 

सभा को संबोधित करते हुए दिशा छात्र संगठन के प्रियांशु ने कहा कि छात्रसंघ छात्रों के न्यायपूर्ण संघर्षों का एक प्रभावी माध्यम है। छात्रसंघ के जरिए विद्यार्थी विश्वविद्यालय की नीतियों और प्रशासनिक फैसलों में अपना प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कर सकते हैं। आरोप लगाया कि वर्ष 2015 के बाद से इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं, जिससे छात्रों का प्रतिनिधित्व प्रभावित हुआ है।

आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन कार्यकर्ता भी जुटे

उन्होंने कहा कि छात्रसंघ के माध्यम से छात्रविरोधी नीतियों का विरोध करने के साथ छात्रावास, मेस, पुस्तकालय, कक्षाओं, खेल मैदानों, सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को भी सामूहिक रूप से उठाया जा सकता है। उन्होंने लिंगदोह समिति की सिफारिशों का हवाला देते हुए विश्वविद्यालय में छात्रसंघ की बहाली और चुनाव कराने की मांग की। प्रदर्शन में समाजवादी छात्र सभा और आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कार्यकर्ता भी शामिल रहे।

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