प्रयागराज के यूइंग क्रिश्चियन कालेज में प्रोन्नति की मांग को लेकर बवाल, छात्रों ने शिक्षकों को बनाया बंधक
प्रयागराज के यूइंग क्रिश्चियन कॉलेज (ईसीसी) में प्रथम सेमेस्टर के छात्रों का बैक पेपर नियमों के खिलाफ बेमियादी धरना जारी ...और पढ़ें

प्रयागराज में यूइंग क्रिश्चियन कॉलेज (ईसीसी) में बैक पेपर मामले को लेकर प्रदर्शन करते छात्र। जागरण
HighLights
इलाहाबाद विश्वविद्यालय का संघटक है यूइंग क्रिश्चियन काॅलेज (ईसीसी)
प्रथम सेमेस्टर परीक्षा में एक विषय में फेल होने पर बैक पेपर लगाने का विरोध
कॉलेज प्रशासन ने कहा- दो से अधिक विषय में फैल वाले छात्र फीस वापस ले सकते हैं
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संघटक यूइंग क्रिश्चियन कॉलेज (ईसीसी) में प्रथम सेमेस्टर के परिणाम को लेकर छात्रों का आक्रोश गुरुवार को उग्र रूप ले बैठा। बैक पेपर लगाए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने परीक्षा विभाग के बाहर जमकर हंगामा किया और शिक्षकों को घेरकर बंधक बना लिया। हालात ऐसे बन गए कि देर शाम तक कालेज परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
बुधवार से छात्रों का जारी है धरना
छात्रों का धरना बुधवार से ही जारी है। कई छात्र बुधवार की रात भी कालेज परिसर में ही डटे रहे और गुरुवार सुबह होते ही प्रदर्शन तेज कर दिया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं परीक्षा विभाग के बाहर जमा हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। देखते-ही-देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और छात्रों ने शिक्षकों को घेर लिया।
ईसीसी को विश्वविद्यालय की नीतियों का ही पालन करना चाहिए
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि प्रथम सेमेस्टर में बैक पेपर लगाए जाने को लेकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय का कोई स्पष्ट नियम नहीं है। चूंकि ईसीसी विश्वविद्यालय का संघटक महाविद्यालय है, इसलिए उसे भी विश्वविद्यालय की नीतियों का ही पालन करना चाहिए। छात्रों का कहना है कि बिना स्पष्ट नियम के छात्रों को फेल घोषित करना अन्यायपूर्ण है।
काॅलेज परिसर में पूरे दिन तनावपूर्ण माहौल
छात्रों ने यह भी सवाल उठाया कि जब पूरे वर्ष की फीस पहले ही ली जा चुकी है, तो केवल छह महीने के भीतर ही छात्रों को असफल घोषित कर देना उचित नहीं है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि कई विद्यार्थी ऐसे हैं जो केवल एक विषय में असफल हुए हैं, फिर भी उन्हें अगले सेमेस्टर में प्रोन्नत नहीं किया जा रहा। छात्रों के प्रदर्शन के कारण काॅलेज परिसर में पूरे दिन तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
परीक्षा समिति ने क्या लिया निर्णय?
इसको लेकर परीक्षा समिति की आपात बैठक बुलाई, जिसमें पूरे मामले पर चर्चा की गई। बैठक के बाद परीक्षा समिति ने निर्णय लिया कि जिन छात्रों के दो या तीन विषयों में बैक लगे हैं, उन्हें अगले सेमेस्टर में प्रोन्नत नहीं किया जाएगा। हालांकि ऐसे छात्र यदि चाहें तो अपनी फीस वापस ले सकते हैं। परीक्षा समिति का निर्णय छात्रों के बीच जाकर सुनाया गया, लेकिन छात्र इससे संतुष्ट नहीं हुए। छात्रों का कहना है कि इससे समस्या का समाधान नहीं होगा और उनकी मुख्य मांग प्रोन्नति ही है।
क्या बोले इसीसी के पीआरओ?
ईसीसी के पीआरओ जस्टिन मसीह ने बताया कि परीक्षा समिति का निर्णय छात्रों को बता दिया गया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम के आधार पर लगभग 80 प्रतिशत छात्रों को दूसरे सेमेस्टर में प्रोन्नत कर दिया गया है। केवल वही छात्र प्रोन्नत नहीं किए गए हैं जिनके दो या तीन विषयों में बैक लगे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई छात्र कालेज छोड़ना चाहता है तो उसे फीस वापस लेने की अनुमति दी जाएगी।
