इलाहाबाद हाई कोर्ट में राष्ट्रीय लोक अदालत, 265 वादों का निस्तारण; पक्षों को 10.18 करोड़ रुपये प्रतिकर दिलाया
इलाहाबाद हाई कोर्ट में लगी राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना से संबंधित 265 वादों का निस्तारण किया गया। पक्षकारों को 10.18 करोड़ रुपये से अधिक का प्रतिकर दिलाया गया।

इलाहाबाद हाई कोर्ट में लोक अदालत लगी।
HighLights
मोटर दुर्घटना से संबंधित अपील/एफएएफओ के वादों का निस्तारण किया गया
मुख्य न्यायमूर्ति के निर्देश पर चार लोक अदालत पीठों का गठन किया गया था
विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट में शनिवार, 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें मोटर दुर्घटना से संबंधित अपील / एफएएफओ के कुल 265 वादों का निस्तारण आपसी सुलह-समझौते के आधार पर किया गया। पक्षकारों को 10.18 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रतिकर के रूप में दिलाई गई।
यह आयोजन मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली मुख्य संरक्षक उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा न्यायमूर्ति अरविंद सिंह सांगवान कार्यपालक अध्यक्ष यूपी राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अध्यक्ष उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के दिशा-निर्देशों में हुआ। मुख्य न्यायमूर्ति के निर्देश पर चार लोक अदालत पीठों का गठन किया गया था। न्यायमूर्ति विवेक सरन, न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन, न्यायमूर्ति पदम नरायन मिश्रा और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की लोक अदालत पीठों ने वाद निस्तारित किए।
अधिवक्तागण सुमित डागा, अजय शंकर, अंशुल कुमार सिंघल और प्रखर टंडन एवं न्यायिक अधिकारियों में डा. अनिल कुमार सिंह (द्वितीय) ज्ञान प्रकाश तिवारी (द्वितीय) रजनेश कुमार और निशांत सिंघला ने सहयोग किया। विधिक सेवा समिति के अधिकारी / कर्मचारी भी सक्रिय रहे। महानिबंधक मंजीत सिंह श्योराण और उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के सचिव कीर्ति कुणाल ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
