मेडिकल में चोट नहीं, गर्भवती महिला से मारपीट के आरोपित को इलाहाबाद HC से राहत; उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गर्भवती महिला से मारपीट के आरोपी पिंटू को अंतरिम राहत दी है, अगली सुनवाई तक उत्पीड़नात्मक ...और पढ़ें

इलाहाबाद हाई कोर्ट।
HighLights
राज्य सरकार से तीन सप्ताह में जवाब मांगा जवाब
मुरादाबाद जनपद के कुंदरकी थाने में दर्ज है के
विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गर्भवती महिला से मारपीट मामले में आरोपित पिंटू को अंतरिम राहत देते हुए अगली सुनवाई तक उसके खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह ने राज्य सरकार से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। मामला मुरादाबाद के कुंदरकी थाने में दर्ज है।
शिकायत के अनुसार 24 जुलाई 2025 को शाम 7:30 बजे आरोपित पिंटू सह आरोपित हेम सिंह और कमल के साथ शिकायतकर्ता की गैरमौजूदगी में उसके घर में घुसा। आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता की गर्भवती पत्नी नेहा और ननद पूनम से गाली-गलौज और मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी। मारपीट के बाद नेहा की तबीयत बिगड़ गई और जिला अस्पताल में उसका इलाज हुआ।
एफआईआर 27 जुलाई 2025 को शाम 6:54 बजे दर्ज की गई। पिंटू के अधिवक्ता ने दलील दी कि मेडिकल जांच में नेहा के शरीर पर कोई चोट नहीं मिली। शिकायतकर्ता के बयान में भी एफआइआर से अलग कथन है। नेहा और गवाह पूनम ने मारपीट का आरोप केवल हेम सिंह और कमल पर लगाया है; पिंटू के खिलाफ कोई विशेष आरोप नहीं है। बचाव पक्ष के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट और बाद के बयान एफआइआर का समर्थन नहीं करते।
