विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नाबालिग बेटी को मां से भेंट के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने नई व्यवस्था तय की, घरेलू हिंसा से जुड़ा है मामला

By Suresh pandey Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Mon, 02 Nov 2026 06:54 PM (IST)

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने घरेलू हिंसा मामले में नाबालिग बेटी की मां से मुलाकात के लिए नई व्यवस्था तय की ...और पढ़ें

इलाहाबाद उच्च न्यायालय।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय।

HighLights

  1. नाबालिग बेटी अपने पिता के साथ गाजियाबाद में रहती है, उसे बागपत ले जाने में कठिनाई होती थी

  2. याचीगण ने बागपत के सिविल जज व अपर जिला जज बागपत के के आदेशों को चुनौती दी थी

विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने घरेलू हिंसा अधिनियम के एक मामले में नाबालिग बेटी की मां से मुलाकात के लिए नई व्यवस्था तय की है। अब मां को बेटी से मिलने के लिए गाजियाबाद आना होगा, जबकि पहले बच्ची और उसके पिता को बागपत जाना पड़ता था। न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान की एकलपीठ ने विशाल सहरावत व अन्य याचिका पर यह आदेश दिया है।

घरेलू हिंसा का मामला 

याचीगण ने बागपत के सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/एफटीसी के 30 जून 2025 और अपर जिला जज (एससी/एसटी एक्ट), बागपत के दो अप्रैल 2026 के आदेशों को चुनौती दी थी। ये आदेश घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 की धारा 21 के आवेदन से जुड़े थे।

माह के तीसरे शनिवार को आना पड़ता था बागपत 

इनके तहत पिता और बेटी को हर माह के तीसरे शनिवार को बागपत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में उपस्थित होना था। याचीगण का कहना था कि नाबालिग बेटी अपने पिता के साथ गाजियाबाद में रहती है। उसे गाजियाबाद से बागपत ले जाने में कठिनाई होती है। विवाद की प्रकृति को देखते हुए कोर्ट ने ऐसी व्यवस्था तलाशी जिससे बच्ची की मां से मुलाकात सुगम हो सके। इस पर मां पारुल की ओर से पेश अधिवक्ता हया रिजवी ने गाजियाबाद आकर बच्ची से मिलने पर सहमति दी।

दोनों पक्ष व्यवस्था के पालन में पूरा सहयोग करेंगे

कोर्ट ने कहा गाजियाबाद के डीएलएसए के सदस्य सचिव मुलाकात के लिए आवश्यक इंतज़ाम करेंगे ताकि यह सौहार्दपूर्ण माहौल में हो सके। मुलाकात 21 नवंबर 2026 को दोपहर तीन बजे गाजियाबाद डीएलएसए कार्यालय में होगी। याची पिता बच्ची को निर्धारित समय और स्थान पर उपस्थित कराएंगे, जबकि मां भी मिलने के लिए मौजूद रहेंगी। दोनों पक्ष व्यवस्था के पालन में पूरा सहयोग करेंगे। मामले को 26 नवंबर 2026 को नए सिरे से सूचीबद्ध करने का आदेश दिया गया है।

यह भी पढ़ें- कानपुर के बस कंडक्टर को इलाहाबाद HC से राहत, बर्खास्तगी रद; कोर्ट ने कहा- सुनवाई का अवसर देना जरूरी

यह भी पढ़ें- गृह सचिव के बजाय डिप्टी डायरेक्टर का हलफनामा दाखिल होने से इलाहाबाद हाई कोर्ट नाराज, दिया सख्त आदेश

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।