‘सरकारी वकील से बदसलूकी कोर्ट की अवमानना, मातहतों के लिए सर्कुलर जारी करें DGP’, इलाहाबाद HC का सख्त आदेश
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सरकारी वकीलों से बदसलूकी को कोर्ट की अवमानना बताया है। डीजीपी को निर्देश दिया गया है ...और पढ़ें

इलाहाबाद हाई कोर्ट।
HighLights
महाराजगंज थाने में दर्ज केस में आरोपित की जमानत अर्जी की सुनवाई के दौरान दिया निर्देश
आजमगढ़ से जुड़े जमानत मामले की सुनवाई में एसएसपी के पीआरओ को कोर्ट कस्टडी में रखा
विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि सरकारी अधिवक्ताओं से बदसलूकी करना कोर्ट की अवमानना है। न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने यह टिप्पणी करते हुए डीजीपी को निर्देश दिया है कि वह मातहतों के लिए सर्कुलर जारी कर चेतावनी दें कि हाई कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने वाले स्टेट लॉ ऑफिसर से अभद्रता करने पर अवमानना की कार्रवाई होगी।
कोर्ट ने जमानत खारिज कर दी थी
कोर्ट ने यह बातें आजमगढ़ के महाराजगंज थाने में दर्ज केस में आरोपित सचिन की जमानत अर्जी की सुनवाई के दौरान की। आरोपित के खिलाफ बीएनएस और आइटी एक्ट में केस दर्ज है। साइबर सेल रिपोर्ट में सामने आया कि आरोपित ने आठ सितंबर 2024 को राकेश यादव के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर वीडियो अपलोड किए थे। कोर्ट ने जमानत खारिज कर दी।
कोर्ट ने एसएसपी की माफी स्वीकार की थी
कोर्ट ने एसएसपी डॉ. अनिल कुमार (द्वितीय) को तलब किया था। विवेचक विनय कुमार मिश्रा के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट के अनुपालन में अदालत ने लापरवाही पर नाराजगी जताई। एसएसपी ने बताया कि महाराजगंज के थानाध्यक्ष और एसआई सुभाष सिंह को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। कोर्ट ने एसएसपी की माफी स्वीकार करते हुए मामला बंद कर दिया, लेकिन भविष्य में एनबीडब्ल्यू का व्यक्तिगत रूप से अनुपालन करने के लिए कहा।
एसएसपी के PRO को कोर्ट कस्टडी के बाद मिली रिहाई
इसी केस में एसएसपी के पीआरओ राजेश कुमार सिंह ने सरकारी अधिवक्ता अनुराग पांडेय से फोन पर आदेश बताते समय बदसलूकी की थी। एसएसपी ने बताया कि पीआरओ को पद से हटाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसकी कोर्ट ने सराहना की। कोर्ट ने कहा, एजीए कोर्ट के अधिकारी हैं और उनसे दुर्व्यवहार अवमानना है। पीआरओ को शाम पांच बजे तक कोर्ट कस्टडी में रखने का आदेश दिया गया। इसके बाद रिहाई दे दी गई।
