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बालिग युवती को अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ रहने की आजादी, इलाहाबाद हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश

By Sharad Dwivedi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 27 Sep 2026 12:57 PM (IST)

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि बालिग युवती को अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ रहने की पूरी ...और पढ़ें

इलाहाबाद हाई कोर्ट।

इलाहाबाद हाई कोर्ट।

HighLights

  1. बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका स्वीकार करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यह आदेश पारित किया है

  2. प्रयागराज की लड़की युवक संग स्वेच्छा से दो माह रही, अब माता-पिता संग रहने की इच्छा जताई

विधि संवाददाता प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति संदीप जैन ने कहा है कि किसी भी बालिग को अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ रहने की आजादी है। लड़की के अपने माता-पिता के साथ रहने की इच्छा जताई तो कोर्ट ने यह आदेश दिया।

लड़की ने कहा कि वह अपनी मर्जी से मुस्लिम युवक के साथ दो महीने रही, किंतु अब वह माता-पिता के साथ रहना चाहती है। रवि शंकर व अन्य द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका स्वीकार करते हुए कोर्ट ने यह आदेश पारित किया है। याचिका पर अधिवक्ता विपिन कुमार शुक्ल ने बहस की।

मालूम हो कि 21 जून 2026 को प्रयागराज जिले के मऊआइमा थाना क्षेत्र की रहने वाली मनोरमा देवी की गुमशुदगी दर्ज हुई थी। चार अगस्त 2026 को यह गुमशुदगी रिपोर्ट भारतीय न्याय संहिता की धारा 86 और 351(3) के तहत प्राथमिकी में तब्दील की गई। याचिकाकर्ता के अनुसार, उनकी पुत्री को विपक्षी मोहम्मद इमरान द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाया गया है। पुलिस टीम ने आरोपी का अंतिम ज्ञात ठिकाना थाणे वेस्ट, मुंबई में पता लगाया।

21 अगस्त 2026 के आदेश के अनुपालन में, उप-निरीक्षक आयुष सिंह और महिला कांस्टेबल निधि कुमार ने युवती को अदालत के समक्ष पेश किया। कोर्ट ने युवती से सीधे बातचीत की, जिसमें उसने बताया कि वह लगभग 19 वर्ष की है और कक्षा 9 तक शिक्षित है। उसने स्वीकार किया कि वह स्वेच्छा से मोहम्मद इमरान के साथ अपने घर से गई थी और लगभग दो महीने उसके साथ रही, लेकिन अब वह अपने माता-पिता के पास लौटना चाहती है और अपनी गलती स्वीकार की।

याचिकाकर्ता पिता रवि शंकर ने भी बेटी की अभिरक्षा पाने की इच्छा जताई। कोर्ट ने पाया कि युवती वयस्क है और अब अपने माता-पिता के साथ रहना चाहती है। इसे देखते हुए अदालत ने याचिका स्वीकार करते हुए आदेश दिया कि युवती को अपनी पसंद के व्यक्ति और अपने पसंदीदा स्थान पर रहने की पूर्ण स्वतंत्रता होगी।

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