हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: विकास प्राधिकरण नहीं वसूल सकते इम्पैक्ट फीस और ओपन एरिया पेनाल्टी
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि विकास प्राधिकरण इम्पैक्ट फीस और ओपन एरिया पेनाल्टी नहीं वसूल सकते। कोर्ट ...और पढ़ें

HighLights
विकास प्राधिकरण इम्पैक्ट फीस नहीं वसूल सकते।
ओपन एरिया पेनाल्टी भी अवैध घोषित की गई।
अतिरिक्त राशि ब्याज सहित लौटाने का आदेश।
विधि संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि विकास प्राधिकरण इम्पैक्ट फीस और ओपन एरिया पेनाल्टी नहीं ले सकते। न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने प्रयागराज स्थित कपिल देव व्यास फिलिंग स्टेशन की 2007 की याचिका स्वीकार करते हुए यह टिप्पणी की है और प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) का आदेश रद कर दिया है।
कोर्ट ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने मथुरा वृंदावन डेवलपमेंट अथारिटी बनाम राजेश शर्मा (2025) और हाई कोर्ट ने रेखा रानी केस में साफ किया है कि विकास प्राधिकरण सिर्फ डेवलपमेंट फीस, म्यूटेशन, स्टैकिंग और वाटर फीस ही ले सकता है। इम्पैक्ट फीस, सुपरविजन फीस, सब-डिवीजन चार्ज जैसे अन्य शुल्क अनुच्छेद 265 के तहत अवैध हैं।
कोर्ट ने क्या दिया आदेश
कोर्ट ने पीडीए को आदेश दिया है कि डिमांड की कुल 21,05,933 रुपये की राशि में अन्य वैध शुल्कों को समायोजित कर शेष राशि वह छह प्रतिशत सालाना साधारण ब्याज के साथ एक महीने में याची को वापस करे। ब्याज की गणना 12 जून 2007 से होगी। मुकदमे से जुड़े तथ्य यह हैं कि याची फर्म 1982 से जीटी रोड मनौरी में इंडियन आयल का रिटेल आउटलेट चला रही थी।
कंपनी ने उसे थार्नहिल रोड में शिफ्ट करने का निर्णय लिया। डीएम से एनओसी मिलने के बाद फर्म ने 27 सितंबर 2004 को पीडीए (तब इलाहाबाद विकास प्राधिकरण यानी एडीए) में नक्शा पास करने के लिए आवेदन किया और पांच लाख रुपये एडवांस इम्पैक्ट फीस जमा की। बीच में स्थानीय लोगों की शिकायत पर डीएम ने निर्माण रोक दिया। इस पर याची हाई कोर्ट गया।
बाद में समझौता होने पर 2006 में फिर एनओसी मिल गई। याची ने दोबारा नक्शा संशोधित कर दिया। पीडीए के जोनल अफसर ने 22 मई 2007 को 25,05,635 रुपये की डिमांड नोटिस जारी की।
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इसमें 15,04,238 रुपये इम्पैक्ट चार्ज और 6,01,695 रुपये ओपन एरिया पेनाल्टी थी। प्राधिकरण ने 2004 की जगह 24 जून 2006 से लागू सर्किल रेट नौ हजार रुपये प्रति वर्गमीटर के हिसाब से गणना की थी, जबकि याची के अनुसार 2004 में रेट 5800 रुपये था।
