इलाहाबाद हाई कोर्ट की बड़ी उपलब्धि, 1 लाख फैसलों का हिंदी अनुवाद किया पूरा
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक लाख फैसलों का हिंदी में अनुवाद कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जिससे न्याय जनभाषा में सुलभ हो गया है।

HighLights
एक लाख फैसलों का हिंदी अनुवाद पूरा हुआ।
मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली ने निर्णय अपलोड किया।
न्याय को जनभाषा में पहुंचाने की पहल।
विधि संवाददाता, प्रयागराज। न्याय को जनभाषा में पहुंचाने की दिशा में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। पांच अक्टूबर 2026 तक हाई कोर्ट के एक लाख फैसलों का हिंदी में अनुवाद कर वेबसाइट पर निःशुल्क उपलब्ध करा दिया गया है।
इस उपलब्धि पर ‘द वर्नाक्युलर वायस ऑफ जस्टिस’ नामक स्मारिका का विमोचन भी किया गया। यह उपलब्धि एआई असिस्टेड लीगल ट्रांसलेशन एडवाइजरी, ई-एचसीआर और आईएलआर कमेटी के तत्वावधान में सुवास प्रकोष्ठ ने हासिल की है। हाई कोर्ट प्रशासन की तरफ से जारी विज्ञप्ति के अनुसार मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली ने एक लाखवें निर्णय को स्वयं वेबसाइट पर अपलोड किया।
इस दौरान न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा, न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन, न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा, कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अजीत कुमार, न्यायमूर्ति जस्टिस समीर जैन और न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान भी उपस्थित थे। न्यायमूर्ति समीर जैन और न्यायमूर्ति चौहान ने भी प्रतीकात्मक रूप से अपने निर्णय अपलोड किए। न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने सुवास सेल को बधाई दी।
मुख्य न्यायमूर्ति और अन्य न्यायमूर्तियों ने इसे न्याय तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में सराहनीय कदम बताया। न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान ने धन्यवाद ज्ञापित किया। तत्कालीन सीजेआइ डॉ. डीवाई चंद्रचूड़ की पहल पर 23 जनवरी 2023 को सभी हाई कोर्ट में अनुवाद कमेटी बनाने के लिए पत्र लिखा गया था। इसके बाद 16 अगस्त 2023 को इलाहाबाद हाई कोर्ट में सुवास सेल की स्थापना हुई और 23 अगस्त 2023 को पहला हिंदी अनुवाद अपलोड हुआ।
12 दिसंबर 2025 को 50 हजारवां अनुवाद पूरा हुआ था। अभी सुवास प्रकोष्ठ सभी एएफआर निर्णय, तीन पेज से अधिक के अंतिम नान-एएफआर आदेश, उत्तर प्रदेश से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के निर्णय और बाम्बे व आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का हिंदी अनुवाद कर रहा है।
अब तक सुप्रीम कोर्ट के 9,161 फैसलों का अनुवाद कर शीर्ष अदालत को भेजा जा चुका है। अनुवाद के साथ ही कोर्ट दो ई-पत्रिकाएं भी निकाल रहा है। संविधान दिवस 26 नवंबर 2024 को शुरू हुई न्यायभा-न्याय की किरण के सात अंक और फरवरी 2024 में शुरू हुई ऐतिहासिक निर्णय ई-पुस्तिका के छह अंक प्रकाशित हो चुके हैं।
इसमें चौरी-चौरा केस, केशव सिंह केस, राजनारायण बनाम इंदिरा गांधी जैसे ऐतिहासिक फैसलों के हिंदी अनुवाद शामिल हैं। ये सभी हाई कोर्ट की वेबसाइट पर मुफ्त उपलब्ध हैं।
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