प्रयागराज में अवैध कफ सीरफ करछना की फर्म के नाम पर दिल्ली से मंगाते थे, लीडर रोड के कई थोक दवा व्यापारी भी सिंडीकेट में शामिल
प्रयागराज एसटीएफ ने एक करोड़ रुपये की कोडीनयुक्त अवैध कफ सीरप सिंडिकेट दिल्ली से सीरप मंगाकर प्रयागराज और आसपास के ...और पढ़ें

प्रयागराज में अवैध कफ सीरप संग गिरफ्तार तीन तस्करों ने एसटीएफ को कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
HighLights
एक करोड़ की कोडीनयुक्त अवैध कफ सीरप संग तीन तस्कर गिरफ्तार
प्रयागराज एसटीएफ ने सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। एसटीएफ को पता चला है कि जयंतीपुर, धूमनगंज निवासी मुख्य आरोपित आशुतोष उर्फ प्रवेश तिवारी लंबे समय से अवैध कफ सीरप का काम कर रहा था। वह मूलरूप से अयोध्या का रहने वाला है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होने के कारण उसने भीरपुर करछना निवासी जतिन मिश्रा उर्फ शिवम मिश्रा की फर्म नोवोटिक लाइफ साइंसेज के नाम पर दिल्ली से कोडीनयुक्त अवैध कफ सीरप मंगवाकर विभिन्न जिले में सप्लाई करता था।
आरोपितों की गिरफ्तारी
रविवार रात स्पेशल टास्क फोर्स एसटीएफ ने कार्रवाई की थी। दारोगा विनय तिवारी ने मामले में आशुतोष के अलावा, अंकेश प्रजापति, उसके भाई अमित व शनि जायसवाल, आशु, शिवम निवासी प्रयागराज के खिलाफ मुकदमा लिखाया है। इसमें से तीन आरोपितों की गिरफ्तारी की गई है।
काफी समय से चल रहा था सिंडिकेट
एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध कफ सीरप सिंडिकेट का स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने भंडाफोड़ किया है। मामले में तीन तस्करों को गिरफ्तार करते हुए करीब एक करोड़ रुपये की कोडीनयुक्त अवैध कफ सीरप बरामद की गई है। पकड़े गए अभियुक्तों से पूछताछ चल रही है। उनके सिंडिकेट, नेटवर्क और उसमें शामिल लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
एयरपोर्ट थाने के निकट अवैध कफ सीरप का भंडारण
एयरपोर्ट थाना से करीब 500 मीटर दूर कोडीनयुक्त अवैध कफ सीरप का भंडारण किया जा रहा था। यहां पर भंडारण करने वाले तस्कर प्रयागराज और आसपास के जिले में सप्लाई करते थे। उनके सिंडिकेट में अलग-अलग जनपद के कई युवक शामिल थे। इसकी जानकारी गोपनीय तरीके से स्पेशल टास्क फोर्स को मिली।
एसटीएफ ने गोदाम पर छापेमारी की
रविवार रात एसटीएफ टीम ने एयरपोर्ट पुलिस के साथ घेराबंदी करते हुए गोदाम पर छापेमारी की। वहां पर मौजूद तीन युवकों को दबोच लिया गया। साथ ही करीब 80 पेटी अवैध कफ सीरप, जिसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये है, बरामद की गई।
कई दवा के थोक व्यापारी सिंडिकेट में शामिल
सूत्रों का कहना है कि मामले में औषधि निरीक्षक और उस विभाग की कतिपय कर्मचारियों की भी संलिप्तता रही है। लगातार आपरेशन और कार्यवाही के बावजूद औषधि विभाग की ओर से इस संबंध में कोई सूचना और जानकारी पुलिस सहित अन्य विभागों को नहीं दी जा रही थी। गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ में यह भी पता चला है कि तस्करों का लीडर रोड स्थित कई दवा के थोक व्यापारी शनि व आशु जायसवाल समेत कई अन्य भी इस सिंडिकेट में शामिल हैं।
12 हजार रुपये प्रतिमाह किराए पर लिया था कमरा
तस्करों ने एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के गौसपुर कटहुला निवासी विवेक श्रीवास्तव के मकान में 12 हजार रुपये प्रतिमाह के किराए पर कमरा लिया था। वहां पर कफ सीरप व टेबलेट का भंडारण करता था। पूछताछ में यह भी पता चला है कि सरगना आशुतोष अपने साथी शिवम के साथ मिलकर प्रयागराज और वाराणसी के फर्म के नाम से फर्जी बिल्टी बनवाकर अवैध कफ सीरप मंगवाता था।
ग्राइंडर से मिटाकर मेडिकल स्टोर पर सप्लाई
अभियुक्तों ने बताया कि अमित प्रजापति और उसका भाई अंकेश मिक्सर ग्राइंडर से सीरप की शीशी का बैच नंबर मिटा देते थे। इसके बाद बोरी में भरकर मेडिकल स्टोर पर भी सप्लाई करते थे। 120 शीशी अवैध कफ सीरप 12 हजार में खरीदने के बाद 18 हजार रुपये में बेचते थे।
