विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0: युवाओं को ट्रेनिंग के बाद मिलेंगे 10 लाख रुपये, 14 नए नए रोजगारपरक ट्रेड शामिल
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 में 14 नए रोजगारपरक ट्रेड शामिल किए गए हैं, जिससे युवाओं को 10 दिन का ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
योजना में 14 नए रोजगारपरक ट्रेड शामिल किए गए।
युवाओं को 10 दिन का रोजगारपरक प्रशिक्षण मिलेगा।
स्वरोजगार हेतु 10 लाख तक ऋण सुविधा उपलब्ध।
जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। हुनर हाथ में हो तो रोजगार की तलाश में शहर बदलने की जरूरत नहीं। इसी सोच के साथ शासन ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 का दायरा बढ़ाते हुए दूसरे चरण में 14 नए रोजगारपरक ट्रेड शामिल किए हैं। अब पारंपरिक कारीगरी के साथ बदलते बाजार की जरूरत के अनुरूप मोबाइल और कंप्यूटर मरम्मत जैसे काम भी युवाओं को सिखाए जाएंगे।
शासन की महत्वाकांक्षी विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना खासकर युवाओं के लिए कारगर साबित हो रही है। इसके जरिये युवाओं को हुनर के आधार पर स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना और उनके लिए स्थायी आय का साधन तैयार करना है।
अभ्यर्थियों को 10 दिन का प्रशिक्षण
योजना के तहत चयनित अभ्यर्थियों को संबंधित ट्रेड में 10 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें काम की तकनीक, उपकरणों का इस्तेमाल, कार्य की बारीकियां और व्यवसाय संचालन की जानकारी दी जाएगी। साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थियों को योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
परंपरागत कारीगरों को बाजार से जोड़ने का प्रयास
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के पहले चरण में बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, नाई, राजमिस्त्री, सुनार, टोकरी बुनकर, हलवाई, मोची और धोबी जैसे 11 पारंपरिक ट्रेड शामिल थे। इन ट्रेडों के माध्यम से परंपरागत कारीगरों के हुनर को प्रशिक्षण, रोजगार और बाजार से जोड़ने का प्रयास किया गया। अब बाजार और रोजगार के बदलते स्वरूप को देखते हुए योजना में नए कामों का दायरा बढ़ाया गया है।
14 नए ट्रेड की सूची
योजना के दूसरे चरण में 14 नए ट्रेड में मूर्तिकार, मालाकार, भड़भूजा, दूधवाला, मछुआरा, मोबाइल मरम्मत, आटोमोबाइल मरम्मत, इलेक्ट्रानिक सामान की मरम्मत, विद्युत सामान की मरम्मत, प्लंबर, कंप्यूटर मरम्मत, सोलर इंस्टालेशन, डिजिटल फोटोग्राफी तथा सौंदर्य एवं वेलनेस शामिल हैं। इन ट्रेडो का चयन सीधे रोजगार और बाजार की जरूरत से जुड़ा है।
मोबाइल और कंप्यूटर की बढ़ती निर्भरता से मरम्मत के काम में अवसर हैं तो सौर ऊर्जा के विस्तार से सोलर इंस्टालेशन जैसे हुनर की मांग बढ़ रही है। इसी तरह आटोमोबाइल और इलेक्ट्रानिक उपकरणों की मरम्मत भी स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार का रास्ता खोलेगी।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 में परंपरागत व्यवसायों के साथ बाजार की वर्तमान मांग को ध्यान में रखते हुए 14 नए ट्रेड शामिल किए गए हैं। योजना के तहत चयनित युवाओं को प्रशिक्षण देकर संबंधित कार्य में दक्ष बनाया जाएगा। साथ ही रोजगार के लिए ऋण की सुविधा भी दी जाएगी।
-साहब शरण, उपायुक्त (उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र)
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