विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

प्रतापगढ़ में 202 पर पहुंचा AQI, दिवाली की आतिशबाजी से खराब होगी हवा की गुणवत्ता; सांस-हार्ट के मरीज सतर्क रहें

By Ramesh Tripathi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 08 Nov 2026 02:18 PM (IST)

प्रतापगढ़ में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 202 पर पहुंच गया है। दिवाली की आतिशबाजी से हवा की गुणवत्ता और खराब ...और पढ़ें

प्रतापगढ़ शहर के पूर्वी सहोदरपुर में रविवार की सुबह वातावरण में छाई धुंध। जागरण

प्रतापगढ़ शहर के पूर्वी सहोदरपुर में रविवार की सुबह वातावरण में छाई धुंध। जागरण

HighLights

  1. आतिशबाजी से हवा में बढ़ेंगे सूक्ष्म कण, बच्चों-बुजुर्गों को भी सतर्क रहने की जरूरत

  2. वातावरण में सुबह छाई धुंध ने बढ़ाई चिंता, हृदय और सांस के मरीज संभल कर रहें

जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। दीवाली की खुशियों के बीच प्रदूषित होती हवा ने चिंता बढ़ा दी है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 202 तक पहुंच गया है। रविवार सुबह सूर्योदय के समय धुंध छाई नजर आई। ऐसे में शाम को आतिशबाजी शुरू होने के बाद वायु प्रदूषण और बढ़ गया। हवा की मौजूदा स्थिति पहले से ही स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है। पटाखों से निकलने वाला धुआं और बारीक कण वातावरण में घुलकर लोगों की परेशानी बढ़ा सकते हैं।

हवा की खराब गुणवत्ता

वायु गुणवत्ता सूचकांक 202 होने का मतलब होता है कि हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में है। इसका असर खासकर हृदय रोगियों, अस्थमा से पीड़ित लोगों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों पर पड़ सकता है। आज दीवाली पर शाम से लेकर देर रात तक होने वाली आतिशबाजी के कारण प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है। पटाखों से निकलने वाले धुएं में मौजूद सूक्ष्म कण सांस के जरिए शरीर में पहुंचकर परेशानी पैदा कर सकते हैं।

सुबह वातावरण में छाई धुंध

सुबह से दिख रही धुंध ने भी लोगों का ध्यान खींचा। हालांकि, केवल धुंध देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि उसमें कितना हिस्सा वायु प्रदूषण का है। इसके लिए प्रदूषण के निगरानी आंकड़ों की जरूरत होती है। ऐसे में त्योहार के दौरान आतिशबाजी को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। मौसम विज्ञानी देशराज मीणा ने बताया कि मौसम में नमी व कुछ दिनों पहले हुई बरसात के चलते एक्यूआई में सामान्य से खतरनाक स्थिति में आ गया। हालांकि जल्द ही इसमे में बदलाव होगा।

हृदय और सांस के मरीज रहें सतर्क

राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय के डॉ. मनोज खत्री ने बताया कि प्रदूषण बढ़ने पर हृदय और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को अधिक धुएं वाले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। आंखों में जलन, खांसी, सांस लेने में परेशानी या सीने में असहजता होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। दिवाली की खुशियों के बीच पर्यावरण और सेहत का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।

202 एक्यूआई का क्या है मतलब?

वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) हवा में प्रदूषण के स्तर को बताता है। 201 से 300 के बीच एक्यूआई को खराब श्रेणी में रखा जाता है। इस स्तर पर लंबे समय तक प्रदूषित हवा के संपर्क में रहने से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। पहले से हृदय या फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।

यह भी पढ़ें- दीवाली के बाद प्रयागराज में बढ़ेगी ठंड और छाएगा कोहरा, तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की आएगी गिरावट

यह भी पढ़ें- Magh Mela 2027 : प्रयागराज में माघ मेले की तैयारी तेज, मेला क्षेत्र को जोड़ने वाले मार्ग के नालों पर पुलिया बनाने का काम शुरू

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।