विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पीएम किसान निधि में सेंधमारी, फर्जी पंजीकरण करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का राजफाश; प्रतापगढ़ में तीन गिरफ्तार

By Ramesh Tripathi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Tue, 27 Oct 2026 04:53 PM (IST)

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में फर्जी पंजीकरण करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह प्रतापगढ़ पुलिस ने राजफाश किया। कुंडा तहसील के संविदा ऑपरेटर समेत तीन आरोपि गिरफ्तार किए गए हैं।

प्रतापगढ़ के एएसपी पूर्वी पीएम किसान सम्मान निधि योजना में फर्जीवाड़ा करने वाले तीन आरोपितों को मीडिया के सामने पेश करते।

प्रतापगढ़ के एएसपी पूर्वी पीएम किसान सम्मान निधि योजना में फर्जीवाड़ा करने वाले तीन आरोपितों को मीडिया के सामने पेश करते।

HighLights

  1. कुंडा तहसील में तैनात संविदा आपरेटर समेत तीन पुलिस गिरफ्त में

  2. लैपटॉप, सिम कार्ड, बायोमीट्रिक डिवाइस व डिजिटल साक्ष्य बरामद

  3. गिरोह के नेटवर्क, फर्जी पंजीकरण से जुड़े पहलुओं की पुलिस कर रही जांच

जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के सरकारी पोर्टल में सेंधमारी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का साइबर क्राइम थाना पुलिस ने राजफाश किया है। यह गिरोह अपात्रों का फर्जी पंजीकरण करता था। पुलिस ने कुंडा तहसील में तैनात संविदा बीआरसी आपरेटर समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

अपात्रों के पंजीकरण के बदले धन उगाही  

मंगलवार को एएसपी पूर्वी आलोक कुमार ने पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता में बताया कि सरकारी पोर्टल की लॉगिन आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग करके बिना भूमि रिकार्ड वाले लोगों का पंजीकरण कराया जाता था। इसके बदले धन उगाही की जाती थी। गिरफ्तार आरोपितों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन, दो लैपटाप, सात सिम कार्ड, बायोमेट्रिक डिवाइस और धोखाधड़ी से जुड़े डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं।

इनकी हुई गिरफ्तारी 

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के सराय छत्ता निवासी शिवकुमार यादव, कुंडा थाना क्षेत्र के पांडेय का पुरवा निवासी अनुराग गुप्ता और नया पुरवा निवासी जितेंद्र कुमार शामिल हैं। शिवकुमार पर सीएससी संचालक के रूप में अपात्रों की पोर्टल पर एंट्री करने, जबकि अनुराग पर तहसील में तैनाती के दौरान सरकारी आईडी-पासवर्ड उपलब्ध कराने का आरोप है। जितेंद्र पर गिरोह के सहयोगी और अवैध लेनदेन की रकम को खपाने में भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया है।

वाट्सएप ग्रुप के डिजिटल साक्ष्य भी बरामद

अनुराग के कब्जे से एप्पल आइफोन 16 प्रो और सैमसंग एस 25 बरामद किया है। जितेंद्र के पास से वीवो वी 29 प्रो तथा शिवकुमार के पास से वीवो वी 29 प्रो और रियलमी-8 मोबाइल मिला है। इसके अलावा एचपी और एसर कंपनी के लैपटॉप, विभिन्न कंपनियों के सात सक्रिय सिम कार्ड और फिंगर स्कैनर डिवाइस भी बरामद हुई है। पुलिस को यूपीआइ लेनदेन के स्क्रीनशाट, एनीडेस्क रिमोट एक्सेस से संबंधित सामग्री और धोखाधड़ी से जुड़े वाट्सएप ग्रुप के डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं।

साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज

साइबर क्राइम थाना प्रतापगढ़ में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन में साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र सिंह भदौरिया, विवेचक निरीक्षक दिवाकर सिंह यादव, उपनिरीक्षक नदीम खां समेत पुलिस टीम ने आरोपितों को गिरफ्तार किया। पुलिस मामले में गिरोह के नेटवर्क और फर्जी पंजीकरण से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

यह भी पढ़ें- प्रयागराज में SRN अस्पताल के डॉक्टरों पर हमला मामले में बड़ी कार्रवाई, अज्ञात वकीलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज 

यह भी पढ़ें- पत्नी अक्सर शराब पीने का विरोध व झगड़ा करती थी, इसलिए उसे मार डाला..., पति ने पुलिस से कबूल किया जुर्म