पद्मावत एक्सप्रेस की जनरल सीटों पर कब्जा का नई तरकीब, प्रतापगढ़ से दिल्ली जाने वालों को 50 रुपये में एजेंट देते हैं सीट
प्रतापगढ़ में पद्मावत एक्सप्रेस की जनरल सीटों पर एजेंटों द्वारा अवैध कब्जा कर 50 रुपये में बेचने का नया तरीका ...और पढ़ें

प्रतापगढ़-दिल्ली पद्मावत एक्सप्रेस। जागरण आर्काइव
HighLights
वाशिंग लाइन से गुजरने के दौरान चलती ट्रेन के कोच की सीढ़ी पर हो जाते हैैं सवार
कई बार रुपये को लेकर यात्रियों की एजेंटों से हो चुकी है बहस, रेल प्रशासन सख्त
जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। रेल प्रशासन ने चाबुक चलाया तो एजेंट आरक्षण काउंटर से दूरी बना लिया। कमाई बंद हुई तो वह एक नया तरीका ढूंढ लिए। कुछ एजेंट ऐसे हैं जो पद्मावत एक्सप्रेस की वाशिंग लाइन से गुजरने के बाद वह चलती ट्रेन के जनरल कोच की सीढ़ी पर चढ़ लेते हैं। ट्रेन के प्लेटफार्म पर खड़ी होने के बाद वह जनरल कोच में गमछा आदि रखकर कब्जा कर लेते हैं। इसके बाद 50 रुपये लेने के बाद यात्री को सीट देते हैं।
मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ जंक्शन से रोजाना दिल्ली के लिए पद्मावत एक्सप्रेस जाती है। यहां ट्रेन प्लेटफार्म नंबर-एक से शाम पांच बजकर 45 बजे रवाना होता है। दरअसल ट्रेन के यहां से बनने की वजहसे सुलतानपुर, अमेठी और प्रयागराज के भी तमाम यात्री सफर करने के लिए जनरल कोच में सवार होते हैं।
कई एजेंट ऐसे हैं जो पहले से ही ट्रेन के जनरल कोच की सीट पर कब्जा जमा लेते हैं। प्लेटफार्म पर ट्रेन के लगने पर उसे 50 रुपये लेकर यात्री को देते हैं। तमाम यात्री सीट पा जाते हैं तो कई इससे वंचित भी रह जाते हैं। इससे जहां एजेंटों की पल भर में कमाई हो जाती है, वहीं यात्रियाें को जेब ढीली करनी पड़ रही है।
यह खेल पिछले 10 दिनों से चल रहा है। भनक लगने पर आरपीएफ ऐसे एजेंटों की तलाश में है। सीसीटीवी कैमरे से भी नजर रखी जा रही है। आरपीएफ इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। पकड़े जाने पर इनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कोच में घुसने को लेकर होती है मारामारी
पद्मावत एक्सप्रेस में छह जनरल कोच लगे होते हैं, लेकिन कोच में सीट पाने को लेकर आए दिन मारामारी होती है। कई बार तो यात्री जान जोखिम में डालकर ट्रेन के आपातकालीन खिड़की से घुसते नजर आए हैं। ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ और जीआरपी के जवानों ने यात्रियों को समझाना पड़ा।
