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पद्मावत एक्सप्रेस से टकराया गोवंश, इमरजेंसी ब्रेक लगा तो पहिए से निकली चिंगारी और धुआं; प्रतापगढ़ में यात्री सहमे

By Gurudeep Tripathi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Fri, 02 Oct 2026 08:19 PM (IST)

पद्मावत एक्सप्रेस प्रतापगढ़ के जगेशरगंज के पास गोवंश से टकरा गई, जिससे लोको पायलट को इमरजेंसी ब्रेक लगानी पड़ी। ब्रेक ...और पढ़ें

पद्मावत एक्सप्रेस ट्रेन। जागरण आर्काइव

पद्मावत एक्सप्रेस ट्रेन। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. जगेशरगंज के पास हुई घटना, जाम हो गया था ब्रेक शू

  2. ट्रेन धीमी गति से अमेठी जंक्शन पहुंची, दूर की गई खामी

जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। दिल्ली जा रही पद्मावत एक्सप्रेस से गोवंश टकरा गया। इस दौरान लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाई तो वातानुकूलित कोच का ब्रेक शू पहिए से चिपक (जाम) गया। घर्षण से तेज धुआं और चिंगारी निकलने लगी। इससे यात्री सहम गए। ट्रेन को करीब 10 मिनट तक रोककर गोवंश के शव को हटाया गया। इसके बाद धीमी गति से अमेठी ले जाकर ब्रेक शू बदला गया, तब जाकर ट्रेन आगे रवाना हो सकी।

शुक्रवार शाम दिल्ली रवाना हुई थी ट्रेन

मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ जंक्शन से दिल्ली जाने वाली पद्मावत एक्सप्रेस शुक्रवार शाम 5:45 बजे अपने तय समय पर रवाना हुई थी। शाम करीब 6:10 बजे ट्रेन जैसे ही चिलबिला-लखनऊ रेल मार्ग स्थित जगेशरगंज रेलवे स्टेशन के समीप पहुंची, अचानक एक गोवंश ट्रैक पर आ गया। लोको पायलट डीके मिश्रा ने सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाया, लेकिन गोवंश इंजन की चपेट में आ गया।

लोको पायलट ने गाड़ी रोकी, कंट्राेल रूम में सूचित किया

अचानक ब्रेक लगाने के कारण ट्रेन के एसी कोच (बी-एक) का ब्रेक शू पहिए में चिपक गया (ब्रेक बाइंडिंग)। पहिया के घूमने और लगातार घर्षण होने से उससे तेज धुआं और चिंगारियां उठने लगीं। यह देख कोच में बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। लोको पायलट ने तुरंत गाड़ी रोकी और लखनऊ कंट्रोल को घटना का मेमो भेजा। सूचना पर पहुंचे रेलवे कर्मियों ने ट्रैक को साफ किया। इसके बाद ट्रेन को धीमी गति से अमेठी जंक्शन लाया गया, जहां सीएंडडब्ल्यू टीम ने जाम हुए ब्रेक शू को बदलकर तकनीकी खामी दुरुस्त की।

ट्रैक पर अचानक गोवंश के आ जाने से लोको पायलट को इमरजेंसी ब्रेक लगाना पड़ा था। इसी वजह से बोगी का ब्रेक शू जाम हो गया था और रगड़ से धुआं निकला। अमेठी स्टेशन पर सीएंडडब्ल्यू टीम ने ब्रेक शू को बदल दिया, जिसके बाद ट्रेन को गंतव्य के लिए सुरक्षित रवाना किया गया।
- वीबी शुक्ला, वरिष्ठ खंड अभियंता (सी एंड डब्ल्यू)।

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