प्रतापगढ़ में कमिश्नर का कड़ा एक्शन: 11 अफसरों का वेतन रोका, संपूर्ण समाधान दिवस पर लापरवाही पर गिरी गाज
प्रतापगढ़ में मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने संपूर्ण समाधान दिवस पर कुंडा तहसील का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 11 लापरवाह अधिकारियों का वेतन रोकने का निर्देश दिया।

प्रतापगढ़ के रानीगंज में जनसुनवाई करते डीएम अभिषेक पांडेय। जागरण
HighLights
तहसीलदार, तहसीलदार न्यायिक एवं 3 नायब तहसीलदारों का लंबित वादों के निस्तारण तक वेतन रोका
लेखपाल एसो. महामंत्री, मंत्री के निलंबन की कार्रवाई करने के लिए एसडीएम कुंडा को दिए गए निर्देश
रानीगंज में डीएम के निर्देश पर फतनपुर पुलिस ने एसडीएम के पेशकार को हिरासत में ले लिया
संसू, जागरण, कुंडा (प्रतापगढ़)। संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम ने अपर आयुक्त त्रिभुवन एवं अन्य अधिकारियों के साथ कुंडा तहसील का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने तहसील में आए फरियादियों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
जनसुनवाई के दौरान प्रकरणों के निस्तारण के लिए लेखपाल अनुपस्थित पाए गए। जानकारी मिली कि लेखपालों एवं अधिवक्ताओं के बीच हाल में हुए विवाद के कारण लेखपाल सुनवाई कक्ष में नहीं जा रहे हैं। इस पर मंडलायुक्त नाराज हो गए। उन्होंने जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय व उप जिलाधिकारी कुंडा अजय यादव को लेखपाल एसोसिएशन के महामंत्री एवं मंत्री संदीप मौर्य के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए।
नंबर गेम
164 फरियादियाें ने दर्ज कराईं शिकायतें
10 का मौके पर ही कर दिया निस्तारण
90 दिवस से अधिक पुराने मामले मिलने पर नाराजगी
01 हजार से अधिक वाद लंबित पाए जाने पर कार्रवाई
मंडलायुक्त ने संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान अनुपस्थित पाए गए 11 विभागीय अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस शासन की महत्वपूर्ण व्यवस्था है। इसमें संबंधित विभागीय अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए फरियादियों की समस्याओं का प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने जुलाई-अगस्त माह में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवसों से संबंधित निस्तारण रजिस्टर का भी अवलोकन किया। रजिस्टर में शिकायतों के निस्तारण के संबंध में अंकित आख्या में अनियमितताएं एवं अपूर्णता मिलीं। प्रथम दृष्टया कई मामलों में मौके पर वास्तविक स्थिति का परीक्षण किए बिना ही आख्या अंकित किया गया था। पंजीकरण रसीदों में भी अनियमितता पाई गई।
इसके अलावा विभिन्न प्रकरणों में एक ही क्रमांक की रसीद अंकित मिली। इस संबंध में संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने पर संतोषजनक उत्तर नहीं दिया जा सका। ऐसे में मंडलायुक्त ने रजिस्टर के रखरखाव में लापरवाही पर संबंधित माल बाबू के विरुद्ध एडवर्स एंट्री एवं विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए तथा सभी रजिस्टरों को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद धारा-33 एवं 34 के अंतर्गत लंबित वादों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान धारा-34 के 90 दिवस से अधिक पुराने 1000 से अधिक वाद लंबित पाए गए। लंबित वादों के संबंध में तहसीलदार अनिल कुमार, तहसीलदार (न्यायिक) प्रमोद कुमार, नायब तहसीलदार लालमणि, सालिग्राम अग्रहरि और आयुष सिंह संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इन सभी का लंबित वादों की पेंडेंसी शून्य होने तक वेतन रोकने के निर्देश दिए।
अंत में मंडलायुक्त ने उप जिलाधिकारी कुंडा अजय यादव को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देशित किया कि तहसील दिवस से संबंधित सभी रजिस्टरों को तत्काल दुरुस्त कराया जाए तथा प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि तहसील स्तर पर अभिलेखों के रखरखाव, अधिकारियों की उपस्थिति तथा राजस्व वादों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
164 शिकायतों में 10 का मौके पर निस्तारण
समाधान दिवस में सबसे अधिक 65 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं। पुलिस विभाग की 28, विकास विभाग की 20, आपूर्ति विभाग की पांच और समाज कल्याण विभाग की पांच शिकायतें आईं। अन्य विभागों से संबंधित 41 शिकायतें भी फरियादियों ने अधिकारियों के सामने रखीं। मंडलायुक्त ने एक-एक कर फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों से शिकायतों के निस्तारण की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर अधिकारी मौके पर जाकर जांच करें।
एसडीएम के पेशकार को किया पुलिस के हवाले
रानीगंज के संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम के निर्देश पर फतनपुर पुलिस ने एसडीएम के पेशकार को हिरासत में ले लिया। फरियादी मो. यूसुफ ने डीएम से शिकायत की कि बंटवारे का मुकदमा खारिज होने के बाद भी पेशकार ने प्रश्नोतरी में दो तरह की रिपोर्ट दे दी। इस पर डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने फौरन मौके पर मौजूद पुलिस को पेशकार को हिरासत में लेने का निर्देश दिया। डीएम के निर्देश पर फतनपुर पुलिस ने पेशकार वीरेंद्र कुमार को हिरासत में ले लिया।
