यूपी में डॉ. रोहित मिश्र की भाजयुमो टीम तैयार, 75 जिलों की सूची जल्द होगी जारी
भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रोहित मिश्र ने यूपी के 75 जिलों के लिए अपनी टीम लगभग ...और पढ़ें

भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रोहित मिश्र। जागरण
HighLights
डॉ. रोहित मिश्र ने भाजयुमो की 75 जिलों की टीम बनाई।
सूची अगले सप्ताह जारी होगी, मिशन 2027 पर फोकस।
पिछड़ों, अतिपिछड़ों और महिलाओं को 40% प्रतिनिधित्व मिलेगा।
गुरुदीप त्रिपाठी, प्रतापगढ़। यूपी की सियासत में अब युवा चेहरों की धमक तेज होने वाली है। 25 जून को भारतीय जनता युवा मोर्चा की कमान संभालने वाले डा. रोहित मिश्र ने अपनी सेना सजानी शुरू कर दी है। उनके 'सारथी' तैयार हैं। प्रदेश के 75 जिलों में भाजयुमो के जिलाध्यक्ष, महामंत्री और उपाध्यक्षों की सूची लगभग फाइनल हो चुकी है। अगले सप्ताह लखनऊ से सूची पर मुहर लगते ही यूपी की राजनीति में हलचल तय है।
दरअसल, भाजपा आलाकमान का संदेश साफ है कि 'बूथ जीतो-युवा जोड़ो और 2027 फतह करो'। इसी मंत्र को लेकर भाजयुमो ने कमर कस ली है। पिछले दिनों जब पार्टी ने 98 संगठनात्मक जिलों में प्रभारी तैनात किए तो इनमें काशी क्षेत्र में प्रतापगढ़ की जिम्मेदारी अवधेश गुप्ता को और प्रयागराज महानगर राकेश त्रिवेदी को दिया। इसी से तय हो गया था कि अब युवा मोर्चा में बड़ा सर्जिकल स्ट्राइक होगा।
डा. रोहित की पहली सूची में ही सियासी पंडितों को चौंकाने की तैयारी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार जिलों में 40 फीसदी तक हिस्सेदारी पिछड़ों, अतिपिछड़ों और महिला शक्ति को दी जा रही है। अवध क्षेत्र में बहराइच जैसे संवेदनशील जिले में अर्चना मिश्रा को प्रभारी बनाकर भाजपा ने जो प्रयोग किया, वही माडल युवा मोर्चा में दोहराया जा सकता है। यानी सिर्फ युवा नहीं, सामाजिक समीकरण साधने वाला युवा।
कमजोर किलों पर फोकस
2024 के लोकसभा चुनाव में प्रतापगढ़, जौनपुर, अमेठी, गाजीपुर में भाजपा का झंडा लड़खड़ाया था। ऐसे में खासतौर से इन जगहों पर अब सबसे आक्रामक चेहरों की तैनाती होगी। हर विधानसभा में पांच हजार नए युवा मतदाताओं को जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है।
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कैंपस में लाठी-डंडा खाने वाले, इंटरनेट मीडिया पर ट्रेंड करने वाले चेहरे अब जिलों की कमान संभालेंगे। ऐसे में साफ है कि भाजपा युवा मोर्चा को अब केवल अनुषांगिक संगठन नहीं, बल्कि मिशन 2027 का 'ट्रंप कार्ड' बनाना चाहती है। डा. रोहित के सारथी के मैदान में उतरते ही विपक्षी खेमे में खलबली मचना तय है।
