पुराने चांदी के सिक्के खरीदने से पहले हो जाएं सावधान, बाजार में बिक रहे विक्टोरिया और किंग जॉर्ज काल के नकली सिक्के
धनतेरस और दीपावली पर पुराने चांदी के सिक्के खरीदते समय सावधान रहें, क्योंकि बाजार में महारानी विक्टोरिया और किंग जॉर्ज काल के नकली सिक्के बेचे जा रहे हैं।

विक्टोरिया व किंग जॉर्ज के दुर्लभ चांदी के सिक्के
HighLights
धनतेरस पर नकली चांदी के सिक्कों की बिक्री से रहें सावधान।
असली सिक्कों की पहचान: धुंधले, स्पष्ट अक्षर और खनकदार आवाज।
ठगी होने पर पुलिस या उपभोक्ता प्राधिकरण से तुरंत शिकायत करें।
संवाददाता जागरण, प्रतापगढ़। धनतेरस और दीपावली पर पुराने चांदी के सिक्के खरीदने जा रहे हैं तो सावधान रहें। बाजार में असली के साथ नकली सिक्के भी बिकने की आशंका है। महारानी विक्टोरिया और किंग जार्ज के दौर के सिक्कों की मांग के बीच ठग इनकी नकल को असली बताकर बेच सकते हैं। ऐसे में बिना जांच-परख खरीदारी करना नुकसान का सौदा हो सकता है।
दीपावली पर चांदी के सिक्कों से पूजा की परंपरा है। वहीं, पुराने सिक्कों के संग्रह का शौक रखने वाले लोग भी इन्हें खरीदते हैं। मांग और दुर्लभता के कारण कुछ सिक्कों की कीमत सामान्य चांदी के सिक्कों से अधिक होती है। इसी का फायदा उठाकर ग्राहकों को नकली सिक्के थमाए जा सकते हैं।

सिक्के पर ऐतिहासिक शासक की तस्वीर, पुरानी तारीख या अंग्रेजी में लिखावट होना उसके असली होने का प्रमाण नहीं है। नकली सिक्कों पर भी इनकी नकल की जा सकती है। इसलिए केवल रंग, चमक और बनावट देखकर फैसला न करें।
असली सिक्कों की इस तरह करें पहचान
- चांदी के असली सिक्के दिखने में कुछ धुंधले होते हैं। इन पर लिखे अक्षर भी छोटे होते हैं लेकिन पढ़ने में स्पष्ट रहते हैं। इनकी आवाज खनकदार होती है।
- महारानी विक्टोरिया के सिक्कों पर महारानी के चेहरे के चारों ओर वीआईसीटीओआरआइए- इएमपीआरइएसएस लिखा होता है जबकि दूसरी ओर व रूपी और 1901 लिखा होता है। कुछ सिक्कों में उर्दू में भी एक रुपये लिखा होता है।
- किंग जॉर्ज के सिक्कों में चेहरे के चारों ओर जीईओआरजीइवी- इएमपीइआरओआर लिखा होता है जबिक दूसरी ओर वन रूपी इंडिया 1919 लिखा होता है।
ठगी होने पर क्या करें
नकली सिक्का बेचने या गलत जानकारी देकर ठगी किए जाने पर बिल, भुगतान का प्रमाण और विक्रेता से हुई बातचीत सुरक्षित रखें। जरूरत पड़ने पर पुलिस या उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण से शिकायत करें।
पंजाबी मार्केट के ज्वैलर्स अश्वनी सोनी ने बताया कि महारानी विक्टोरिया काल के सिक्के बाजार से लगभग खत्म हो चुके हैं। लिहाजा डुप्लीकेट सिक्के तैयार किए गए हैं जो विक्टोरिया काल के सिक्कों से ज्यादा आकर्षक हैं। उन्हें चांदी के वजन के हिसाब से बेचा जा रहा है। अब तो लक्ष्मी गणेश के सिक्के बाजार में आ गए हैं।
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