यूपी चुनाव से पहले मोना के हाथ में प्रदेश कांग्रेस की कमान, सियासी विरासत को ताकत बनाने की चुनौती
आराधना मिश्रा मोना को 2027 विधानसभा चुनाव से लगभग चार महीने पहले उत्तर प्रदेश कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

HighLights
मोना को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यूपी कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया।
रामपुर खास से लगातार तीन बार की विधायक हैं आराधना मिश्रा मोना।
पिता प्रमोद तिवारी की राजनीतिक विरासत को प्रदेश स्तर पर बढ़ाना चुनौती।
जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा सीट पर कांग्रेस का अजेय किला बचाए रखने वाली आराधना मिश्रा मोना अब पूरे प्रदेश में पार्टी की कमान संभालेंगी। विधानसभा चुनाव-2027 से करीब चार माह पहले कांग्रेस ने लगातार तीन बार की विधायक और कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता मोना को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है।
पिता प्रमोद तिवारी की राजनीतिक विरासत को संभालकर रामपुरखास में लगातार जीत का सिलसिला कायम रखने वालीं मोना के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इस विरासत को प्रदेश संगठन की ताकत में बदलने की होगी। उनको कांग्रेस में नई जान फूंकने की जिम्मेदारी उठानी होगी।
सामाजिक सरोकारों से की राजनीति की शुरूआत
राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी और स्व. डाॅ. अलका तिवारी की पुत्री मोना ने राजनीति की शुरुआत सामाजिक सरोकारों से की। वर्ष 1994 में सरयू समाज कल्याण संस्थान के माध्यम से सामाजिक गतिविधियों से जुड़ीं।
इसके बाद रामपुर संग्रामगढ़ ब्लाक से सक्रिय राजनीति में कदम रखा और 2002-07, 2007-12 तथा 2012-14 तक लगातार तीन बार निर्विरोध ब्लाक प्रमुख रहीं। वर्ष 2013 में प्रमोद के राज्यसभा जाने के बाद रामपुर खास विधानसभा सीट रिक्त हुई। 2014 के उपचुनाव में मोना ने जीत दर्ज कर विधानसभा की राजनीति में प्रवेश किया।
इसके बाद 2017 और 2022 में भी जीत दर्ज कर उन्होंने पिता की सियासी विरासत को आगे बढ़ाया। 16 मई 2014 को पहली बार कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता चुनी गईं और वर्तमान में भी इस पद पर हैं। इधर शुक्रवार रात जैसे ही पार्टी ने घोषणा की, पार्टी के लोगों व समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
चार दशक से कांग्रेस का गढ़ है रामपुरखास
रामपुर खास में कांग्रेस का दबदबा मोना की राजनीतिक ताकत का सबसे बड़ा आधार माना जाता है। वर्ष 1980 से प्रमोद तिवारी लगातार नौ बार यहां से विधायक निर्वाचित हुए। उनका विजय रिकार्ड लिम्का बुक में दर्ज है। पांच बार कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता रहे प्रमोद तिवारी वर्तमान में राजस्थान से राज्यसभा सदस्य और राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता हैं।
विपरीत राजनीतिक परिस्थितियों में भी पिता-पुत्री की जोड़ी रामपुरखास में कांग्रेस का परचम थामे रही है। अब यही राजनीतिक अनुभव मोना के लिए प्रदेश स्तर पर परीक्षा का आधार बनेगा। सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका और मल्लिकार्जुन खरगे के भरोसेमंद चेहरों में शामिल मोना संगठन और सदन दोनों में सक्रिय रही हैं। उन्हें विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है।
प्रदेश अध्यक्ष के रूप में बड़ी परीक्षा
कांग्रेस के लिए उत्तर प्रदेश की सियासत में खोया आधार वापस पाना आसान नहीं है। ऐसे समय में मोना को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलना पार्टी की रणनीति में रामपुरखास की सफल राजनीतिक शैली के भरोसे का संकेत भी माना जा रहा है। अब देखना होगा कि पिता की अजेय विरासत के सहारे राजनीति में पहचान बनाने वाली मोना प्रदेश में कांग्रेस के लिए कितनी नई जमीन तैयार कर पाती हैं। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मिली यह जिम्मेदारी उनके राजनीतिक सफर की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
मुनीश्वर दत्त भी बने थे अध्यक्ष
प्रतापगढ़ के राजनीतिक क्षितिज पर तमाम सितारे निकले। उनमें एक नाम पं. मुनीश्वर दत्त उपाध्याय का भी है। उनकी संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए 1955 में उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया था। अब फिर से यह कुर्सी प्रतापगढ़ के हिस्से में आई है।
