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ब्राह्मण-मुस्लिम में पैठ और पश्चिमी यूपी में पकड़, मोना और इमरान मसूद के सहारे कांग्रेस का बड़ा 'मास्टरस्ट्रोक'

Published: Fri, 02 Oct 2026 11:51 PM (IST)

कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव की तैयारी में आराधना मिश्रा मोना को ब्राह्मण चेहरे और इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर दोहरा दांव चला है।

आराधना मिश्रा मोना और इमरान मसूद को जिम्मेदारी के साथ दिया राजनीतिक संदेश।

आराधना मिश्रा मोना और इमरान मसूद को जिम्मेदारी के साथ दिया राजनीतिक संदेश।

HighLights

  1. आराधना मिश्रा मोना को ब्राह्मण चेहरे के रूप में बड़ी जिम्मेदारी।

  2. इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर मुस्लिम समीकरण साधा।

  3. सपा गठबंधन में अपनी स्थिति मजबूत करने की कांग्रेस की रणनीति।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। विधानसभा चुनाव की तैयारी और उससे पहले सपा के साथ गठबंधन में सीट बंटवारे पर चली रही कश्मकश के बीच संगठन के चेहरे बदलकर दोहरा दांव चला है। ब्राह्मणों में पैठ बढ़ाने की अन्य दलों की कोशिश के बीच, आराधना मिश्रा मोना के रूप में ब्राह्मण चेहरे को प्रदेश संगठन का सबसे बड़ा पद देकर, बड़ा संदेश देने की कोशिश की है।

दूसरी तरफ बेबाक बयानों के लिए पहचाने जाने वाले इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर मुस्लिम समीकरण को मजबूत करने का भी प्रयास किया। साथ ही इमरान मसूद को जिम्मेदारी देने के लिए गठबंधन में सपा पर दवाब बनाए रखने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन लंबे समय से कमजोर रहा है। वर्तमान में आराधना मिश्रा मोना सहित उसके केवल दो विधायक हैं। हालांकि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन में पार्टी ने छह लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी।

चुनावी रणनीति पर काम कर रही पार्टी

अब पार्टी विधान सभा चुनाव में लोकसभा चुनाव जैसे प्रदर्शन को दोहराने और उसके बड़े विस्तार की कोशिश कर रही है। इसके लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने सामाजिक आधार को बढ़ाने की है और इसके लिए जातीय समीकरणों की गोलबंदी की रणनीति पर काम हाे रहा है। ब्राह्मण चेहरे के साथ अनुसचित जाति और निषाद समाज को संगठन में प्रतिनिधित्व इसी रणनीति का हिस्सा है।

प्रदेश की राजनीति में काफी समय से ब्राह्मण समाज में भाजपा के प्रति नाराजगी की चर्चाएं चल रही हैं और सपा से लेकर बसपा तक इस समाज पर डोरे डालने में जुटे हैं। इस बीच कांग्रेस ने ब्राह्मण चेहरे को जिम्मेदारी देकर समाज को हिस्सेदारी का सीधा संदेश देने की कोशिश की है।

मुस्लिम को साधने की तैयारी

वहीं इमरान मसूद का नाम मुस्लिम समीकरण के साथ पश्चिम उत्तर प्रदेश के लिहाज से भी अहम है। कांग्रेस की कोशिश मुस्लिमों में अपनी स्वीकार्यता को बनाए रखने और बढ़ाने के साथ गठबंधन में अपनी उपयोगिता बढ़ाने की है।

वहीं इमरान मसूद गठबंधन और सीटों के बंटवारे के लिए अंतर्विरोधों पर खुलकर बोलते रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इन समीकरणों को मजबूत कर पार्टी अधिक सीटों पर मजबूती से दावा कर सकेगी।

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