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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Pilibhit Encounter: 'हमारे बेटे निर्दोष थे...', पंजाब से पीलीभीत पहुंचे खालिस्तानी आतंकियों के परिजन, मुठभेड़ पर कही ये बात

Published: Tue, 24 Dec 2024 04:09 PM (IST)

पीलीभीत में 23 दिसंबर को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए तीनों खालिस्तानी आतंकियों के परिजन पंजाब से मंगलवार को पीलीभीत ...और पढ़ें

आतंकियों के परिजनों ने कहा कि उनके बेटे निर्देष थे। (तस्वीर जागरण)
आतंकियों के परिजनों ने कहा कि उनके बेटे निर्देष थे। (तस्वीर जागरण)

जागरण संवाददाता, पीलीभीत। पीलीभीत में बीते दिनों पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए तीनों आतंकियों के परिजन मंगलवार को पंजाब से पीलीभीत पहुंच गए। दोपहर तक परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि इन लड़कों की कभी कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं दिखी। आपस में तीनों की जान पहचान थी। ऐसे में मिलना जुलना रहता था। उन्होंने तीनों को निर्दोष बताया। परिजनों ने कहा कि उनके बेटे ऐसा काम नहीं कर सकते।

मारे गए आतंकी गुरविंदर सिंह के पिता गुरदेव सिंह ने कहा कि वह मजदूरी करते हैं। उनका बेटा ऐसा बिल्कुल भी नहीं था। वह बिल्कुल यह नहीं मानते कि उनके बेटे ने कोई वारदात की। उसके पास कोई असलाहग नहीं था। घर में एक साइकिल तक नहीं है। मजदूरी करके पेट पालते हैं।

परिजनों को बेटे के संदिग्ध गतिविधि की जानकारी नहीं थी

मारे गए आतंकी जसनप्रीत के पिता तारुन सिंह बोले कि बेटा अनपढ़ था। उसके पास कोई मोबाइल भी नहीं था। पुलिस चौकी पर हमले के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह उन्हें पता चला कि यहां बेटे को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है।

आतंकी वीरेंद्र सिंह के पिता पीलीभीत नहीं आए। उनके बहनोई गुरमीत सिंह आए थे। उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि वीरेंद्र के साथ कभी कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं दिखी। वीरेंद्र सात से आठ दिन पहले ही घर से निकला था। उसके बाद सीधे मुठभेड़ की जानकारी मिली।

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ये है मामला

पंजाब के गुरदासपुर में पुलिस चौकी पर हमले के आरोपित पाकिस्तान समर्थित खालिस्तानी आतंकी गुरविंदर, वीरेंद्र सिंह उर्फ रवि और जसनप्रीत उर्फ प्रताप सिंह को सोमवार को पीलीभीत में मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया था।

उत्तर प्रदेश पुलिस व पंजाब पुलिस की संयुक्त टीम ने आठ किलोमीटर पीछा कर घेरा तो आतंकियों ने मोडिफाइड एके-47 राइफल से 13 और ग्लाक पिस्टल से नौ फायर किए थे। तीनों आतंकी ब्रिटेन, कनाडा और पाकिस्तान में बैठे सरगना के संपर्क में थे। उनसे बातचीत के लिए जंगी एप्लीकेशन का उपयोग करते थे, जिसका काल रिकॉर्ड सर्वर से कुछ ही सेकंड में नष्ट हो जाता है।

तीनों को विदेशी फंडिंग की आशंका भी जताई गई है। इनसे दो मोडिफॉइड एके-47 राइफल, दो विदेशी ग्लाक पिस्टल, 135 कारतूस और 30 हजार रुपये और दो मोबाइल फोन बरामद हुए।

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