बदला भाग्य: नदियों में बेकार तैरने वाली जलकुंभी बनी कमाई का जरिया, 80 देशों के सामने पीलीभीत की महिलाओं ने रचा इतिहास
पीलीभीत के सहेली स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में जलकुंभी से बने उत्पादों का प्रदर्शन ...और पढ़ें

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में लगा सहेली स्वयं सहायता समूह का स्टाल। स्त्रोत: विभाग
HighLights
शुक्रवार से मंगलवार तक चलेगी प्रदर्शनी, जिले के सहेली स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का लगा स्टाल
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। गौतमबुद्ध नगर में शुक्रवार से मंगलवार तक आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का शानदार आगाज हो गया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस भव्य फेयर का उद्घाटन किया। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर जिले की महिलाओं का अनूठा हुनर और स्वावलंबन भी चमक बिखेर रहा है।
नदियों और तालाबों में बेकार समझी जाने वाली जलकुंभी से बेहतरीन और पर्यावरण अनुकूल उत्पाद तैयार कर जिले की महिलाएं दुनिया के सामने अपनी कामयाबी की कहानी पेश कर रही हैं।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एक्सप्रेसवे और चौतरफा विकास ने उत्तर प्रदेश को तेजी से प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने प्रदेश के परंपरागत हुनर को सहेजने और उसे नई उड़ान देने का काम किया है। प्रदेश का यही हुनर आज ओडीओपी के रूप में दिखाई दे रहा है, जो अब उत्तर प्रदेश के विकास की सबसे मजबूत रीढ़ बन चुका है।
इस ट्रेड शो में 80 देशों के उद्यमी और खरीदार प्रतिभाग कर रहे हैं। इतने बड़े वैश्विक मंच पर उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले के गांव सैदपुर निवासी महिलाओं का सहेली स्वयं सहायता समूह शिरकत कर रहा है।
मेले में समूह की सक्रिय सदस्य आशा देवी और राजकुमारी अपनी पूरी टीम की ओर से तैयार किए गए जलकुंभी के उत्कृष्ट उत्पादों का प्रदर्शन कर रही हैं।
इन उत्पादों में आकर्षक टोकरियां, पेन स्टैंड, जूट व जलकुंभी के मिश्रण से बने डिजाइनर बैग, मेज और जूता स्टैंड आदि शामिल हैं। सैदपुर की ये जागरूक महिलाएं पिछले करीब एक दशक से जलकुंभी से ऐसे उपयोगी और टिकाऊ उत्पाद बना रही हैं। शुरुआत में विशेषज्ञों से मिले विशेष प्रशिक्षण के बाद इन्होंने इस हुनर को अपनी आजीविका का सशक्त माध्यम बना लिया है।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत इस तरह के वैश्विक आयोजनों से स्वयं सहायता समूहों को एक बड़ा बाजार मिलता है। इस ट्रेड शो के साथ-साथ ई-सरस और ओएनडीसी जैसे डिजिटल प्लेटफार्म्स के जरिए विपणन की व्यापक संभावनाओं से न केवल महिला सशक्तीकरण को बल मिलेगा, बल्कि जिले के उत्कृष्ट स्थानीय उत्पादों को देश-विदेश में एक नई पहचान भी मिलेगी।
- वंदना सिंह, उपायुक्त, स्वतः रोजगार
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