पीलीभीत मतदाता सूची फर्जीवाड़ा: आरोपित दोनों एसडीएम का ट्रांसफर, लखनऊ से किए गए संबद्ध
पीलीभीत मतदाता सूची फर्जीवाड़े के आरोपित दोनों एसडीएम का तबादला कर दिया गया है और उन्हें लखनऊ संबद्ध किया गया ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
पीलीभीत मतदाता सूची फर्जीवाड़े के आरोपित एसडीएम का तबादला।
दोनों एसडीएम को लखनऊ में संबद्ध किया गया।
10,470 मतदाताओं के नाम बदलने का आरोप।
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। मतदाता सूची फर्जीवाड़ा के आरोपित दोनों एसडीएम का शुक्रवार को स्थानांतरण कर दिया गया। उन्हें लखनऊ संबद्ध किया गया है। दोनों के विरुद्ध सरकारी काम में लापरवाही, दूसरों को नुकसान पहुंचाने की प्राथमिकी दर्ज हो चुकी। शहर विधानसभा क्षेत्र के 10,470 मतदाताओं या उनके पिता के नाम बदल दिए गए गए थे।
जांच में पता चला कि नाम परिवर्तन के फार्म-आठ के माध्यम से वोटर रजिस्ट्रेशन सेंटर (वीआरसी) के कंप्यूटर आपरेटर अनिल कुमार ने परिवर्तन किया गया था।इसमें नुरुद्दीन का नाम इलियास, कादिर खान का नाम अकरम और तनवीर का नाम हम्जा कर दिया था।
ऐसे कई अन्य मामले सामने आने पर सपा व कांग्रेस ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 21 अक्टूबर को अमरिया के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं एसडीएम हेमंत चौधरी, पूर्व में तैनात रहे एसडीएम मयंक गोस्वामी व कंप्यूटर आपरेटर अनिल कुमार को पद से हटाकर प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
इस मामले में पांच सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) और अन्य कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मानते हुए जांच की जा रही है। शासन से एसडीएम मयंक गोस्वामी को बंदोबस्त अधिकारी (चकबंदी) चकबंदी मुख्यालय लखनऊ में संबद्ध किया गया।
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एसडीएम पीलीभीत हेमंत कुमार चौधरी को विशेष कार्याधिकारी उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण बनाया गया, जबकि विशेष कार्याधिकारी उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मांधाता सिंह एसडीएम पीलीभीत बनाया गया। वहीं, बंदोबस्त अधिकारी (चकबंदी) चकबंदी मुख्यालय लखनऊ अजय कुमार को एसडीएम पीलीभीत बनाया गया।