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नारायणी के तट से अंतरिक्ष की ओर युवा विज्ञानियों के सपने भरेंगे उड़ान, 74 रॉकेट दागने की तैयारी में यूपी के नौजवान

Published: Sat, 31 Oct 2026 06:38 AM (GMT+05:30)Updated: Sat, 31 Oct 2026 06:51 AM (GMT+05:30)

कुशीनगर में नारायणी नदी के तट पर युवा वैज्ञानिक एक बार फिर जुटेंगे, जहां 31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक 'नारायणी रॉकेट्री कप-2026' में 74 रॉकेट लॉन्च किए जाएंगे।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. नारायणी रॉकेट्री कप-2026 में 74 रॉकेट प्रक्षेपित होंगे।

  2. युवा वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष विज्ञान का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।

  3. कुशीनगर के नारायणी तट पर होगा भव्य आयोजन।

अजय कुमार शुक्ल, कुशीनगर। नारायणी नदी के तट पर जंगलीपट्टी के जीरो बांध पर बीते वर्ष जब 20 मिनट के भीतर चार स्वनिर्मित राकेट आसमान में प्रक्षेपित हुए तो यह दृश्य पूर्वांचल के लिए विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई संभावनाओं का संकेत बन गया।

देश के विभिन्न तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों ने यहां अपने बनाए राकेट का परीक्षण कर उत्तर भारत में राष्ट्रीय स्तर की माडल राकेट्री-कैनसैट प्रतियोगिता की शुरुआत को यादगार बनाया था। उसी प्रक्षेपण स्थल पर एक बार फिर देशभर के युवा वैज्ञानिक जुटेंगे।

31 अक्टूबर से चार नवंबर तक आयोजित होने वाले नारायणी राकेट्री कप-2026 में 74 राकेट प्रक्षेपित करने की तैयारी है। देवरिया सांसद शशांक मणि त्रिपाठी की पहल अमृत प्रयास के तहत आयोजित यह प्रतियोगिता तमकुहीराज के रकबा जंगलीपट्टी स्थित नारायणी प्रक्षेपण धाम पर होगी।

तकनीकी समन्वय के लिए मिशन कंट्रोल सेंटर किया जा रहा तैयार

इन-स्पेस, श्रीनारायणी साइंस डेवलपमेंट फाउंडेशन और जिला प्रशासन के सहयोग से होने वाला आयोजन केवल राकेट उड़ाने की प्रतियोगिता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, डिजाइन, इंजीनियरिंग और तकनीकी नवाचार का व्यावहारिक अनुभव देने का मंच है। 600 विद्यार्थी और 120 वरिष्ठ वैज्ञानिक व मेंटर्स इसमें हिस्सा लेंगे। प्रक्षेपण की निगरानी और तकनीकी समन्वय के लिए मिशन कंट्रोल सेंटर तैयार किया जा रहा है।

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यहां स्क्रीन के माध्यम से प्रक्षेपण स्थल की गतिविधियां लाइव देखी जा सकेंगी। इन-स्पेस के निदेशक, वरिष्ठ वैज्ञानिक और जूरी सदस्य यहीं से प्रक्षेपण की निगरानी करेंगे। प्रतिदिन लगभग दस राकेट लांच करने की योजना है। राकेट प्रक्षेपण के दौरान सुरक्षा के लिए संबंधित क्षेत्र को खाली रखने, आम लोगों की आवाजाही नियंत्रित करने और ग्रामीणों को चेतावनी देने के लिए अलार्म की व्यवस्था की जा रही है।

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