30 मिनट, 105 बाइकें और सिर्फ 29 हेलमेट: पीलीभीत में यातायात माह और सीएम के आदेशों का ग्राउंड रियलिटी चेक
पीलीभीत में यातायात माह और मुख्यमंत्री के हेलमेट अनिवार्य करने के आदेशों के बावजूद नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं। ...और पढ़ें

पीलीभीत शहर में गौहनिया चौराहा पर बाइक पर गुजरते बिना हेलमेट के तीन सवारी वाले बाइक सवार। जागरण
HighLights
मुख्यमंत्री के आदेश और यातायात माह के दावों की खुली पोल
तीन सवारी और मोबाइल पर बात करते रहे बाइक सवार
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। सड़क हादसों में कमी लाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक अक्टूबर से दोपहिया वाहनों पर पीछे बैठने वालों के लिए भी हेलमेट अनिवार्य कर दिया है। नवंबर माह में मनाए जा रहे यातायात माह के दावे सिर्फ कागजी साबित हो रहे हैं।
शहर के व्यस्त चौराहों पर पुलिस पिकेट और यातायात बूथों के ठीक सामने से बिना हेलमेट, तीन-चार सवारियां बैठाकर और मोबाइल पर बात करते हुए बेखौफ वाहन गुजर रहे हैं।
जिम्मेदारों की इस अनदेखी के कारण सड़क हादसे लगातार अनमोल जिंदगियों को लील रहे हैं, लेकिन नियमों का पालन कराने वाली पुलिस अब भी कुंभकर्णी नींद में सोई हुई है।

सोमवार को जागरण संवाददाता ने यातायात नियमों के पालन की हकीकत परखी तो मुख्यमंत्री का आदेश हवा में नजर आया। गौहनिया चौराहे पर दोपहर 12 से 12:30 बजे तक 105 दोपहिया वाहन गुजरे।
इनमें महज 29 वाहन सवारों ने ही हेलमेट लगा रखा था। यानी अधिकांश लोग बिना हेलमेट के ही सड़क पर फर्राटा भरते नजर आए। करीब 20 मिनट में 25 से अधिक दोपहिया वाहनों पर तीन सवारियां बैठी दिखाई दीं।
पांच वाहन चालक ऐसे भी मिले जो गाड़ी चलाते समय मोबाइल पर बात कर रहे थे। हैरानी की बात यह है कि यह सब उस चौराहे पर हो रहा था, जहां पुलिस पिकेट की ड्यूटी रहती है। यातायात नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी जिन पर है, उनके सामने ही नियमों की धज्जियां उड़ती रहीं।
खास बात यह है कि जिम्मेदारों और यातायात पुलिस को नियमों का पालन कराने की याद अक्सर यातायात माह में ही आती है। नवंबर में चालान की संख्या बढ़ती है, लेकिन बाकी दिनों में सड़कों पर नियमों की अनदेखी का सिलसिला जारी रहता है।
बिना हेलमेट निकलते रहे बाइक सवार
दृश्य-1 : नकटादाना चौराहे पर हर समय पुलिस पिकेट की ड्यूटी रहती है। हेलमेट के नियम का पालन कराने की जिम्मेदारी भी पुलिसकर्मियों की है। इसके बावजूद यहां से बाइक सवार बिना हेलमेट के आसानी से गुजरते रहे। न तो उन्हें जागरूक किया गया और न ही कार्रवाई होती नजर आई। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद वाहन चालकों में कार्रवाई का कोई डर दिखाई नहीं दिया।
एक बाइक पर तीन सवार, हेलमेट का पता नहीं
दृश्य-2 : गौहनिया चौराहे पर पुलिस बूथ बना हुआ है। यहां पुलिस और यातायात कर्मियों की ड्यूटी रहती है। इसके बाद भी सोमवार को तीन से चार सवारियां बैठाकर बाइक चालक बेखौफ गुजरते रहे। कई वाहन सवारों के सिर पर हेलमेट तक नहीं था। पुलिस बूथ के सामने से गुजरते इन वाहन चालकों को न तो रोका गया और न ही कोई कार्रवाई होती दिखाई दी।
ई-स्कूटी पर चार युवतियां सवार
दृश्य-3 : जिला अस्पताल मोड़ पर नियमों की अनदेखी का एक और नजारा देखने को मिला। यहां एक स्कूटी पर चार युवतियां सवार दिखाई दी।

खास बात यह है कि इसी स्थान पर यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने वाले बोर्ड लगे हैं। पुलिसकर्मियों और यातायात कर्मियों की आवाजाही भी बनी रहती है, लेकिन नियमों का पालन कराने की सख्ती नजर नहीं आई।
चार हादसे, हेलमेट की अनदेखी पड़ी भारी
- बीसलपुर-बरेली रोड हादसा (अक्टूबर) : ईदगाह चौराहे के पास बाइक फिसलने से 25 वर्षीय अभिषेक के सिर में गंभीर चोट आई। हेलमेट नहीं पहने होने के कारण बरेली ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
- मीरपुर चौराहा हादसा (एक नवंबर) : अज्ञात वाहन की टक्कर से बरेली निवासी वीरेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
- बीसलपुर-बिलसंडा रोड हादसा : गौहनिया गांव के पास दो तेज रफ्तार बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत में दो युवकों की मौत हो गई। दोनों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था।
- मार्च की दुर्घटनाएं : जिले में अलग-अलग बाइक हादसों में तीन लोगों की मौत और दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए। पुलिस के अनुसार, दुर्घटना के शिकार किसी भी बाइक सवार ने हेलमेट नहीं पहना था।
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