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कैमरे तैयार रखिए! पीलीभीत टाइगर रिजर्व खुलने की उल्टी गिनती शुरू; इस बार भीमताल और चूका बीच पर दिखेगा बाघों का जलवा

Published: Mon, 05 Oct 2026 10:00 PM (IST)

पीलीभीत टाइगर रिजर्व नए पर्यटन सत्र के लिए तैयार है, जहां पिछले साल शानदार बाघों की साइटिंग हुई थी। इस ...और पढ़ें

पीलीभीत टाइगर रिजर्व

पीलीभीत टाइगर रिजर्व

HighLights

  1. पिछले सीजन में हुई थी शानदार साइटिंग, कई बाघिनों के शावकों संग हुए थे दीदार

  2. जोन एक में साल के पेड़ों का सौंदर्य, भीमताल पर बाघों की साइटिंग है खास

जागरण संवाददाता, पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में नए पर्यटन सत्र की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। तराई का यह खूबसूरत जंगल एक बार फिर देश-विदेश के पर्यटकों को अपने रोमांच से रूबरू कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। 71 से अधिक बाघों की आबादी वाले इस जंगल में भालू, तेंदुए और हिरणों का बड़ा कुनबा सफारी के रोमांच को कई गुना बढ़ा देता है।

पिछले पर्यटन सत्र में पर्यटकों को बाघों की बेहद शानदार साइटिंग हुई थी। कई बार बाघ बेखौफ होकर जंगल के रास्तों पर चहलकदमी करते नजर आए थे।

साथ ही कई बाघिनों के उनके नन्हें शावकों के साथ भी दीदार हुए थे, जिससे पर्यटकों का उत्साह दोगुना हो गया था। आगामी पर्यटन सत्र को लेकर भी वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह है।

पीटीआर यूं तो 730 वर्ग किलोमीटर में विशाल जंगल फैला है, लेकिन पर्यटन के लिए इसका बहुत सीमित इस्तेमाल किया जाता है। पर्यटन क्षेत्र को दो भागों में बांटा गया है। इनमें से जोन एक जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य के लिहाज से बेहद खास है।

तराई की पहचान माने जाने वाले साल के पेड़ों से ढके लंबे और सीधे मार्ग पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं, ऐसे अद्भुत नजारे अन्य जगहों पर आसानी से नहीं दिखते। यह क्षेत्र माला नदी के किनारे स्थित होने के कारण जैव विविधता के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है।

साइटिंग की बात करें तो यहां का भीमताल सबसे प्रमुख है। बाघ अपनी प्यास बुझाने के लिए अक्सर इसी ताल का रुख करते हैं। पिछले सीजन में यहां पानी पीते बाघों की काफी अच्छी साइटिंग दर्ज की गई थी। इसके अलावा लिट्सिया ताल भी बाघों के दीदार के लिए मशहूर है।

इस जोन में कई बड़े ग्रासलैंड हैं, जहां विभिन्न प्रजातियों के हिरणों की अठखेलियां और जलस्रोतों में विदेशी प्रवासी पक्षियों का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है। साइटिंग के लिहाज से तो पीटीआर के दोनों ही जोन खास हैं।

मगर, बाघों की सबसे ज्यादा साइटिंग के लिए जोन दो को सबसे बेहतरीन माना जाता है। यही कारण है कि यह जोन पर्यटकों के बीच काफी अधिक लोकप्रिय है। इसी जोन में पर्यटन के प्रमुख केंद्र चूका बीच, सप्त सरोवर, साइफन प्वाइंट और बाइफरकेशन प्वाइंट स्थित हैं।

नेचर गाइडों के अनुसार, बाघों के दीदार के लिए शारदा मुख्य नहर की पक्की और कच्ची पटरी का इलाका सबसे मुफीद रूट है। अधिकांश साइटिंग इसी नहर के किनारे होती है।

पीटीआर के पोस्टर ब्वाय माने जाने वाले बाघ एस-थ्री, राकेट, बाराही मेल, नैना बाघिन और चूका फीमेल का भी इसी जोन में दबदबा है। पर्यटक अक्सर जोन दो की कच्ची व पक्की पटरी पर इन मशहूर बाघों की शानदार तस्वीरें अपने कैमरों में कैद करते हैं।

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