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जंगल में मल्टीप्लेक्स जैसा अहसास! पीलीभीत लेपर्ड सफारी में बन रहा 50 सीटर हाईटेक थियेटर, सफारी से पहले दिखेगा तराई का रोमांच

Published: Fri, 09 Oct 2026 07:55 PM (IST)

पीलीभीत की लेपर्ड सफारी में पर्यटकों के लिए 50 सीटों वाला हाईटेक मिनी सिनेमाघर बनाया जा रहा है। यह थियेटर ...और पढ़ें

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HighLights

  1. 23 लाख रुपये की लागत से लगेगा अत्याधुनिक ऑडियो-वीडियो सिस्टम

जागरण संवाददाता, पीलीभीत। पूरनपुर रेंज के गोपालपुर वनखंड में प्रस्तावित लेपर्ड सफारी पार्क पर्यटकों को सिर्फ जंगल की सैर ही नहीं कराएगा, बल्कि उन्हें वन्यजीवों की रहस्यमयी और अनकही दुनिया से भी रूबरू कराएगा। जंगल के रोमांच को और भी खास व ज्ञानवर्धक बनाने के लिए सफारी परिसर के अंदर एक 50 सीटर हाईटेक मिनी सिनेमाघर का निर्माण किया जा रहा है।

पूरी तरह से वातानुकूलित यह थियेटर पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र होगा। थियेटर में पर्यटक सफारी के भ्रमण पर जाने से पहले तराई के जंगलों व वन्यजीवों पर आधारित खास डाॅक्यूमेंट्री फिल्में देख सकेंगे।

जिले के गोपालपुर वनक्षेत्र में 49 करोड़ रुपये की लागत से बन रही लेपर्ड सफारी में प्रस्तावित इस थियेटर को तकनीकी और इंटिरियर के लिहाज से बेहद आधुनिक व आकर्षक लुक दिया जाएगा।

पर्यटकों को बेहतरीन दृश्य और ध्वनि का अनुभव प्रदान करने के लिए इसमें करीब 22 से 23 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक ऑडियो-वीडियो सिस्टम और बड़ी सिनेमाई प्रोजेक्टर स्क्रीन स्थापित की जाएगी।

थियेटर के इंटीरियर को भी विशेष रूप से डिजाइन किया जा रहा है। इसके फर्श पर शानदार वुडन फ्लोरिंग और आरामदायक कारपेट बिछाया जाएगा, जबकि छत को आकर्षक फाॅल्स सीलिंग और आधुनिक लाइटों से सजाया जाएगा।

दीवारों पर भी खास ध्यान रखा जाएगा, ताकि पर्यटकों को महानगरों के मल्टीप्लेक्स जैसा ही शानदार अनुभव घने जंगल के बीच मिल सके। वन विभाग की इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यटन के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना है।

अक्सर पर्यटक जंगल सफारी तो कर लेते हैं, लेकिन उन्हें वन्यजीवों के रहन-सहन, उनके व्यवहार और जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र की जानकारी नहीं मिल पाती है। इस 50 सीटों वाले आरामदायक सिनेमाघर के जरिए पर्यटकों को तेंदुओं, बाघों, भालुओं और पीटीआर की समृद्ध जैव विविधता की जानकारी दी जाएगी।

प्रकृति और वन्यजीवों के करीब लाएगा थियेटर

सफारी के सफर पर निकलने से पहले या सैर से लौटने के बाद जब पर्यटक इस थियेटर में जंगल के नियम और वन्यजीवों के रोचक किस्से बड़े पर्दे पर देखेंगे, तो उनका अनुभव और रोमांच दोगुणा हो जाएगा।

स्कूली बच्चों और प्रकृति प्रेमियों के लिए भी यह थियेटर बेहद उपयोगी साबित होगा। ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में लेपर्ड सफारी के इस हाईटेक सिनेमाघर को एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है, जो सैलानियों को प्रकृति और वन्यजीवों के और अधिक करीब लाएगा।

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