पीलीभीत लेपर्ड सफारी: ₹17 करोड़ से बनेगी 26 किमी लंबी अभेद्य सुरक्षा दीवार, बंद होगा तेंदुए-मानव का संघर्ष
पीलीभीत में 1,716 हेक्टेयर में बन रही लेपर्ड सफारी के लिए 26 किमी लंबी अभेद्य बाउंड्रीवाल पर 17 करोड़ रुपये ...और पढ़ें

पीलीभीत में प्रस्तावित लेपर्ड सफारी पार्क का काल्पनिक द्वार। स्रोत: विभाग
HighLights
सफारी पार्क के निर्माण की विस्तृत कार्ययोजना भेजी गई शासन को
1,716 हेक्टेअर में विकसित किया जा रहा है लेपर्ड सफारी पार्क
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। जिले की पूरनपुर रेंज के गोपालपुर वन खंड में प्रस्तावित तेंदुआ सफारी पार्क के निर्माण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को मंजूरी के लिए शासन भेज दिया गया है। इसके शिलान्यास को लेकर एक करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर दिया गया है। मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बन रही इस सफारी की कुल अनुमानित लागत 49.44 करोड़ रुपये तय की गई है।
वन विभाग ने जानवरों और पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। यही वजह है कि प्रोजेक्ट के कुल बजट का सबसे बड़ा हिस्सा सफारी के सुरक्षा कवच यानी बाउंड्रीवाल पर खर्च किया जाएगा।
सफारी को हर तरह के बाहरी और भीतरी खतरों से सुरक्षित बनाने के लिए इसके चारों ओर 26 किमी लंबी कैंपस बाउंड्रीवाल बनाई जाएगी, जिस पर लगभग 17.16 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
1,716 हेक्टेयर भूमि में फैले इस सफारी पार्क में यह अभेद्य दीवार वन्यजीवों को अपनी सीमा से बाहर निकलने से रोकेगी, जिससे तराई क्षेत्र और विशेषकर गन्ने के खेतों के आसपास होने वाले मानव-तेंदुआ संघर्ष की घटनाओं पर प्रभावी लगाम लगेगी।
इसके साथ ही यह दीवार शिकारियों और लकड़ी तस्करों जैसे बाहरी खतरों से भी सफारी को सुरक्षित रखेगी। पीलीभीत, बरेली, शाहजहांपुर, मुरादाबाद और बिजनौर जैसे जिलों में वनों की कटाई और कृषि विस्तार के कारण मानव-तेंदुआ संघर्ष लगातार बढ़ रहा है।
वर्तमान में प्रदेश के अन्य प्राणि उद्यानों और इटावा लायन सफारी में रेस्क्यू किए गए तेंदुओं को रखने के लिए जगह शेष नहीं बची है। ऐसे में यह सफारी घायल, अनाथ और संघर्ष में रेस्क्यू किए गए तेंदुओं के सुरक्षित पुनर्वास का मुख्य केंद्र बनेगी।
इस 49.44 करोड़ के बजट में 26 किमी लंबी सुरक्षा दीवार के अलावा पर्यटकों और वन्यजीवों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सफारी में एंट्रेंस प्लाजा, कैफेटेरिया, 50 सीटों वाला थियेटर, दो क्वारंटाइन कक्ष, जानवरों के लिए अस्पताल व किचन, वाच टावर और सफारी व पेट्रोलिंग वाहन शामिल होंगे।
पूरे कैंपस को सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सोलर लाइट, सीसीटीवी कैमरे और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का भी विशेष प्रविधान किया गया है।
सुरक्षा दीवार पर लगेगी लेपर्ड प़्रूफ फेंसिंग
सफारी को सुरक्षित बनाने के लिए प्रस्तावित 26 किमी लंबी बाउंड्रीवाल में कई विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। जानवरों को बाहर निकलने और शिकारियों को अंदर आने से रोकने के लिए दीवार के ऊपर लेपर्ड प्रूफ फेंसिंग लगाई जाएगी।
बाउंड्रीवाल के पास मौजूद पेड़ों के तनों पर विशेष स्टेम एंड ट्री कवर लगाए जाएंगे, जिससे कोई भी तेंदुआ पेड़ पर चढ़कर दीवार के बाहर छलांग न लगा सके।
सफारी के चारों तरफ सुरक्षा बनाए रखने के लिए इस लंबी दीवार के साथ-साथ एक गश्ती सड़क भी बनाई जाएगी, जिस पर पांच वाच टावर स्थापित किए जाएंगे। इन टावरों से पूरे सफारी क्षेत्र की निगरानी की जाएगी।
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