त्योहारी रौनक से सर्राफा बाजार गुलजार, गहनों की जगह गिन्नियों में सोने-चांदी की खरीद कर रहे ग्राहक
पीलीभीत के बाजारों में त्योहारी सीजन से रौनक लौट आई है, खासकर सर्राफा बाजार गुलजार है। ऊंची कीमतों के कारण ...और पढ़ें

बाजार की एक दुकान पर बिक्री के लिए रखे चांदी के सिक्के। जागरण
HighLights
पीलीभीत के बाजारों में त्योहारी सीजन से लौटी रौनक।
ग्राहक अब गिन्नियों और बिस्किट में कर रहे निवेश।
ऊंची कीमतों और सुरक्षित निवेश के लिए बदला रुझान।
पीलीभीत, जागरण संवाददाता। करवाचौथ, धनतेरस और दीपावली जैसे महापर्वों की दस्तक के साथ ही बाजारों में रौनक लौट आई है। अन्य बाजारों की तरह शहर का सर्राफा बाजार भी पूरी तरह से गुलजार हो गया है। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक के लोग पूरे उत्साह के साथ खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं।
इस त्योहारी सीजन में ग्राहकों का उल्लास देखते ही बन रहा है। हालांकि, सोने और चांदी की आसमान छूती कीमतों के बीच इस बार बाजार में एक नया और सकारात्मक चलन तेजी से उभरकर सामने आया है, जो ग्राहकों की आधुनिक और दूरदर्शी सोच को दर्शाता है।
इस बार त्योहारी खरीदारी सिर्फ पारंपरिक आभूषणों तक सीमित नहीं रह गई है। ग्राहक अब अपनी परंपराओं को निभाने के साथ-साथ सुरक्षित निवेश की दिशा में भी सोच रहे हैं।
निवेश को सुरक्षित बनाना मुख्य कारण
लोग अपने निवेश का सटीक मूल्य पाने के लिए सोने की गिन्नियों और सोने के बिस्किट में जमकर निवेश कर रहे हैं। सर्राफा बाजार के कारोबारियों के अनुसार, ग्राहकों के इस बदलते रुझान के पीछे मुख्य कारण निवेश को सुरक्षित बनाना है।
गिन्नियों और बिस्किट की खरीदारी से ग्राहक न केवल आभूषणों पर लगने वाले मेकिंग चार्ज से बच रहे हैं, बल्कि उन्हें सोने की शुद्धता की भी गारंटी मिल रही है। इस नए विकल्प से त्योहार के शुभ अवसर पर सोना घर लाने की शगुन वाली परंपरा भी पूरी हो रही है।
साथ ही भविष्य के लिए शानदार आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित हो रही है। सर्राफा कारोबारी भी ग्राहकों के इस उत्साह और नए चलन से बेहद खुश हैं। उनका मानना है कि वर्तमान दौर में यह ग्राहकों के लिए एक स्मार्ट और बेहतरीन विकल्प बन गया है, जिसने जिले के सर्राफा बाजार की चमक को दोगुना कर दिया है।
ग्राहकों का रुझान बदला
सर्राफा वेलफेयर एसोसिएशन के महामंत्री शैली अग्रवाल ने बताया कि त्योहारी सीजन को लेकर ग्राहकों का रुझान पूरी तरह से बदल गया है। सोने के ऊंचे दामों के कारण लोग अब पारंपरिक आभूषणों के बजाय गिन्नियों और सोने के बिस्किट में निवेश की ओर अधिक ध्यान दे रहे हैं। बाजार में रौनक अच्छी है और यह सुरक्षित निवेश का एक नया चलन बन गया है। हालांकि बीते वर्षों की तुलना में बाजार ने अभी वह तेजी नहीं पकड़ी है।
वहीं, सर्राफा कारोबारी नीरज रस्तोगी ने बताया कि आजकल ग्राहक बहुत जागरूक हो गए हैं। वे आभूषणों पर लगने वाले मेकिंग चार्ज से बचना चाहते हैं। गिन्नियों की खरीदारी से उन्हें शुद्धता की पूरी गारंटी मिल रही है। त्योहार पर शगुन का शगुन भी हो रहा है और भविष्य के लिए उनका निवेश भी सुरक्षित है। लोग अपनी जरूरतों के अनुसार आभूषणों की खरीददारी भी कर रहे हैं।
