नेपाल से पंजाब तक फैला 'तारिक' का काला साम्राज्य, 5.67 लाख प्रतिबंधित दवाओं की बरामदगी के बाद हिमाचल तक पहुंची जांच
पीलीभीत में 5.67 लाख प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल बरामद होने के बाद पुलिस और औषधि प्रशासन ने जांच तेज कर दी ...और पढ़ें

पुलिस व विभाग की ओर से जब्त की गई दवा। स्रोत: विभाग
HighLights
नशे का कारोबार करने वाले आरोपितों का पूरा नेटवर्क खंगालेगी औषधि विभाग की टीम
दवा निर्माता कंपनी से जानकारी लेने के लिए सहायक आयुक्त औषधि प्रशासन करेंगे कार्रवाई
पीयूष दुबे, पीलीभीत। माधोटांडा के एक छोटे से मेडिकल स्टोर से लेकर नशीली दवाओं का नेटवर्क तैयार करके करोड़ों रुपये का धंधा करने का आरोपित तारिक अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है। पुलिस जांच के इतर औषधि प्रशासन विभाग भी नशीली दवाओं के नेटवर्क को खंगालने लगी है।
इसके लिए सहायक आयुक्त औषधि प्रशासन की ओर से हिमाचल के सोलन में स्थित दवा कंपनी को नोटिस देकर पूरा नेटवर्क खंगालने की तैयारी कर ली है। इससे कंपनी से लेकर माधोटांडा तक दवा पहुंचाने के पूरे नेटवर्क को चिन्हित करके कार्रवाई की जाएगी।
पूरनपुर की मंडी के सामने किराये की दुकानों से पुलिस ने 43 गत्तों में रखे 5,67,760 प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल बरामद किए थे। ये दुकानें माधोटांडा निवासी ताहिर खान और उसके भाई दानिश खान ने ली थीं।
पुलिस ने दानिश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि उसका भाई ताहिर फरार है। ताहिर की तलाश में कोतवाली पुलिस ने टीम गठित की है।
पुलिस के अनुसार, बरामद कैप्सूलों का एक सैंपल खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से सैंपल एफएसएल लैब भेजा जाएगा। नशे का कारोबार करने वाला तारिक प्रतिबंधित नशीली दवाओं की तस्करी करने लगा।
पुलिस के अनुसार, पंजाब के मूल निवासी कई लोग पूरनपुर क्षेत्र में खेती करते हैं। तारिक ने उन्हीं के जरिये पंजाब तक नेटवर्क फैलाया। वह रैकेट के सदस्य या कोरियर के जरिये मनमाने दाम पर नशीली दवाएं पंजाब भेजता था।
उसने अपने माधोटांडा स्थित घर में भी नशीली दवाओं का अवैध गोदाम बना रखा था। वहां से नेपाल सीमा करीब है। तारिक व उसके रैकेट के सदस्य उसी रास्ते नेपाल में नशीली दवाएं खपाते थे।
पुलिस से बरामद 5.67 लाख प्रतिबंधित स्पासमो ब्राउन कैप्सूल के गत्तों पर मैसर्स एडमेरा लैब्स, गांव कैलर जिला सोलन हिमाचल प्रदेश का पता लिखा है।
बरेली मंडल संयुक्त आयुक्त औषधि संदीप कुमार ने बताया कि औषधि विभाग की टीम अब दवा निर्माता कंपनी से वहां से लेकर आरोपित तक पहुंचने के पूरे नेटवर्क को खंगालेगी।
इसके लिए उनको नोटिस देकर डिटेल जुटाई जाएगी। यह पता किया जाएगा कंपनी से दवा खरीदने से लेकर पूरनपुर तक दवा पहुंचने तक जो भी नेटवर्क था, उसकी जांच की जाएगी।
अगर दवाएं सही बिल बाउचर के साथ बिक्री की गई तो संबंधित डीलर व मेडिको एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाएगी। अगर नियमों की अनदेखी करके दवाएं बिक्री की गईं तो संबंधित लोगों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
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