पीलीभीत जेल में कैदी की मौत पर एक्शन: मानवाधिकार आयोग ने DM से मांगी रिपोर्ट, CCTV सुरक्षित रखने के निर्देश
पीलीभीत जिला कारागार में एक विचाराधीन कैदी की मौत के मामले में उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया ...और पढ़ें

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जिला अस्पताल में डाक्टरों ने किया था मृत घोषित, पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद स्वजन को सौंपा था शव
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। जिला कारागार में 20 अक्टूबर को न्यायिक हिरासत के दौरान 30 वर्षीय विचाराधीन कैदी की मौत के मामले में उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने डीएम को नोटिस जारी कर सात जनवरी 2027 तक मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
यह कार्रवाई नई दिल्ली के मानवाधिकार कार्यकर्ता कृष्णा राजपूत की 22 अक्टूबर को दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायतकर्ता ने समाचार पत्र में प्रकाशित खबर का हवाला देते हुए हिरासत में हुई मौत की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी।
साथ ही मृतक के मेडिकल रिकार्ड और जेल परिसर के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की अपील की थी। मृतक की पहचान उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के सितारगंज थाना क्षेत्र के बगौरी गांव निवासी आवरू के रूप में हुई है।
वह अमरिया थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले में नौ अक्टूबर से पीलीभीत जिला जेल में बंद था। बताया गया कि ट्रायल कोर्ट से गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था।
20 अक्टूबर को शाम करीब 6:30 बजे उसकी तबीयत बिगड़ गई। जेल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कालेज से संबद्ध अस्पताल भेजा गया।
जहां रात करीब नौ बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई अरमान ने बताया कि वह घटना वाले दिन भाई से मिलने जेल पहुंचा था, लेकिन अवकाश के कारण मुलाकात नहीं हो सकी।
बाद में उसे भाई की मौत की सूचना मिली। अब मानवाधिकार आयोग ने मामले में विस्तृत रिपोर्ट तलब कर जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम उठाया है।
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