पीलीभीत में विकास कार्यों को रफ्तार: गांव-गांव में निर्माण का रास्ता साफ, 720 पंचायतों की कार्ययोजना मंजूर
पीलीभीत के डीएम आलोक कुमार ने सभी 720 ग्राम पंचायतों की कार्ययोजनाओं को मंजूरी दे दी है, जिससे रुके हुए विकास कार्यों को गति मिलेगी।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
डीएम ने पीलीभीत की 720 ग्राम पंचायतों की कार्ययोजनाएं स्वीकृत कीं।
जिले में लंबे समय से रुके विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार।
प्रशासकों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले फंड का सदुपयोग होगा।
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। जिले की सभी 720 ग्राम पंचायतों में लंबे समय से थमे पड़े विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी। डीएम आलोक कुमार ने जिले की सभी ग्राम पंचायतों में प्राथमिक तौर पर कराए जाने वाले कार्यों की कार्ययोजनाओं को स्वीकृति दे दी है। इससे फाइलों में अटकी विकास योजनाओं को हरी झंडी मिल गई है, जिससे पंचायत प्रशासकों ने राहत की सांस ली है।
ग्राम पंचायतों का कामकाज सुचारू रूप से संचालित करने के लिए शासन स्तर से छह माह के लिए प्रशासक तैनात किए थे। इन प्रशासकों का कार्यकाल आगामी 26 नवंबर को पूरा होने जा रहा है। दो माह पूर्व जिले के सभी ग्राम प्रशासकों ने विकास कार्यों की कार्ययोजनाएं अनुमोदन के लिए डीपीआरओ कार्यालय भेजी थीं।
प्रशासकों के पास सीमित समय
विभागीय निर्देशों के तहत कार्ययोजना में दो बार संशोधन भी कराया गया और इसे समय से पूरा भी कर लिया गया था। इसके बावजूद लंबे अरसे से कार्ययोजना की फाइलें उच्चाधिकारियों के स्तर पर लंबित थीं। इससे ग्राम प्रधान संगठनों समेत पंचायत प्रशासकों में असमंजस की स्थिति थी।
इसे लेकर तत्कालीन डीएम को ज्ञापन भी सौंपे गए थे, जिनमें कहा गया था कि कार्ययोजनाएं स्वीकृत न होने के कारण पंचायतों के खातों में पड़ी करोड़ों रुपये की धनराशि का जनहित में उपयोग नहीं हो पा रहा है, जबकि प्रशासकों के पास काम कराने के लिए सीमित समय बचा है।
गांव-गांव में निर्माण और विकास कार्य
अब 24 अक्टूबर को डीएम की ओर से कार्ययोजनाओं को अनुमोदन मिलने के बाद गांव-गांव में निर्माण और विकास कार्यों की राह आसान हो गई है। प्रशासकों का कार्यकाल समाप्त होने में महज एक माह का समय शेष बचा है। ऐसे में समय रहते कार्ययोजनाएं मंजूर होने से पंचायतों के खातों में डंप पड़ी विकास राशि के शत-प्रतिशत उपयोग का मार्ग पूरी तरह खुल गया है।
सीडीओ सतीश प्रसाद मिश्र ने सभी संबंधित अधिकारियों और प्रशासकों को निर्देश दिए हैं कि कार्ययोजना में स्वीकृत कराए गए सभी कार्यों को पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता और तय समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि निर्माण कार्यों में कोई कमी या अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित दोषी के खिलाफ तत्काल प्रभाव से विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
