नेपाल से आया हाथी आधी रात को शहर में घुसा: पीलीभीत के कोतवाली रोड पर मची खलबली, देखें वीडियो
बुधवार रात नेपाल से आया एक हाथी पूरनपुर के व्यस्त कोतवाली रोड पर पहुंच गया, जिससे लोगों में खलबली मच ...और पढ़ें

पीलीभीत में रात में सड़कों पर घूमते हाथी
HighLights
पूरनपुर के कोतवाली रोड तक पहुंचा हाथी, मची खलबली
संवाद सहयोगी, पूरनपुर (पीलीभीत)। नेपाल से आए हाथियों का झुंड अब परेशानी का कारण बन रहा है। बुधवार रात करीब साढ़े 10 बजे यकायक एक हाथी नगर के व्यस्ततम कोतवाली रोड तक एक हाथी पहुंच गया। लोगों की नजर पड़ने पर खलबली मच गई। बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। हाथी को भगाने का प्रयास किया जा रहा है।
बुधवार की सवा दस बजे के करीब एक हाथी नगर के व्यस्तम कोतवाली रोड पर पहुंच गया। लोगों और दुकानदारों की नजर जब हाथी पर पड़ने पर खलबली मच गई। बड़ी संख्या में लोग जुट गए।
पीलीभीत में गलियों में घूमते हाथी https://t.co/OJx3YY4QfS
— anshul saxena (@rudrasaxena) October 28, 2026
हाथी को भगाने का प्रयास शुरू कर दिया। लेकिन उसे नहीं भगाया जा सका। सूचना पर सामाजिक वानिकी प्रभाव की टीम मौके पर पहुंची। भागने के प्रयास शुरू किए लेकिन देर रात तक हाथी नहीं भगाये जा सका।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डीएफओ मनीष सिंह ने कहा कि हाथी की निगरानी करने के साथ ही उसको जंगल की ओर कर देने के लिए टीमों को लगा दिया गया है।
टाइगर रिजर्व में डेरा डाले तीन हाथी शाम को उत्तराखंड के जंगलों में पहुंचे
कलीनगर। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगलों में पहुंचे तीनों जंगली हाथियों की मौजूदगी सप्त सरोवर और सेल्हा क्षेत्र में बनी रही। रात के समय हाथी जंगल के अलग-अलग हिस्सों में घूमते रहे। रातभर विचरण करने के बाद सुबह उनका मूवमेंट फिर सप्त सरोवर की ओर देखा गया।
दिन भर पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल में विचरण करने के बाद शाम को तीनों हाथी महोफ रेंज की ओर बढ़े। यहां से होते हुए वे उत्तराखंड के जंगलों में प्रवेश कर गए।
पीलीभीत में शहर की गलियों में घूमते हाथी https://t.co/WR8sxAdips
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हाथियों के उत्तराखंड की ओर चले जाने के बाद वन विभाग की टीम उनकी गतिविधियों पर नजर रखे रही। तीनों हाथियों के रात से लेकर शाम तक अलग-अलग क्षेत्रों में विचरण करने से उनकी निगरानी में वन विभाग की टीम जुटी रही।
नवदिया से सप्त सरोवर और फिर महोफ रेंज होते हुए उत्तराखंड के जंगलों तक हाथियों की आवाजाही बनी रही। वन विभाग की टीम लगातार उनकी लोकेशन पर नजर रखती रही, ताकि उनके मूवमेंट की जानकारी मिलती रहे। अब उत्तराखंड में जाने के बाद हाथियों ने राहत की सांस ली।
