चेक बाउंस मामले में बड़ा फैसला: 2.75 लाख के चेक पर 2 साल की जेल और ₹5.74 लाख का जुर्माना
पीलीभीत में चेक बाउंस मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने गौरव शुक्ला को दो साल के साधारण कारावास और ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, पीलीभीत। चेक बाउंस के मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) कोर्ट नंबर-3 के न्यायिक अधिकारी मोहम्मद शहनवाज अहमद सिद्दीकी ने आरोपित गौरव शुक्ला दोषी पाते हुए दो साल के साधारण कारावास और 5.74 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड में से 5.64 लाख रुपये परिवादिनी को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया
बिलसंडा थाना क्षेत्र के ग्राम सुहेला निवासी कृष्णा देवी ने अदालत में परिवाद दाखिल कर बताया कि उनके पुत्र शुभम गंगवार की गौरव शुक्ला और उसके भाई विपिन शुक्ला से दोस्ती थी।
दोनों बीसलपुर में गेहूं-धान सेंटर चलाते थे। मुनाफे का लालच देकर उन्होंने शुभम से करीब 10 लाख रुपये नकद और आनलाइन निवेश करा लिया। काफी समय तक न तो मुनाफा दिया और न ही रकम वापस की।
रुपये मांगने पर गौरव ने चार चेक दिए, जिनमें दो परिवादिनी और दो उसके पुत्र के नाम थे गौरव ने 2.75 लाख रुपये का चेक दिया था। परिवादिनी ने चेक बैंक में लगाया तो खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण वह बाउंस हो गया।
दोबारा चेक लगाने पर भी भुगतान नहीं हुआ। इसके बाद अधिवक्ता के माध्यम से विधिक नोटिस भेजा गया, लेकिन रुपये वापस नहीं किये। सुनवाई के दौरान आरोपी ने बचाव में कहा कि परिवादिनी का पुत्र उसकी आढ़त पर काम करता था और ब्लैंक चेक चोरी कर उसे झूठा फंसाया गया है।
हालांकि वह अपने बचाव में कोई दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर चेक को वैध देनदारी के भुगतान के लिए जारी होना माना।
न्यायालय ने सुनवाई कर पत्रावली का अवलोकन करने के बाद आरोपित गौरव शुक्ला को दोषी पाते हुए दो साल के साधारण कारावास और 5.50 लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड में से 5.40 लाख रुपये परिवादिनी कृष्णा देवी को क्षतिपूर्ति के रूप में मिलेंगे, जबकि 10 हजार रुपये राजकोष में जमा होंगे।
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