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'अनास्था से तुष्टिकरण और आतंक आता है...' पीलीभीत में सीएम योगी का बड़ा बयान, बताया असली 'रामराज्य'

Published: Wed, 04 Nov 2026 05:07 PM (IST)

पीलीभीत में श्री राम कथा के समापन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामराज्य की अपनी परिभाषा दी, जिसमें उन्होंने आस्था ...और पढ़ें

नूरानपुर में कथा पंडाल के मंच पर बैठे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। सौ. सूचना विभाग

नूरानपुर में कथा पंडाल के मंच पर बैठे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। सौ. सूचना विभाग

HighLights

  1. गोरक्ष पीठ आश्रम में चल रही नौ दिवसीय श्री राम कथा के समापन बोले मुख्यमंत्री योगी

  2. राधेश्याम रामायण को संवाद कला बेजोड़ नमूना, वाल्मीकि रामायण सभी रामायण का मूल

पीयूष दुबे, पीलीभीत। श्रीराम, रामायण और रामराज्य... नूरानपुर स्थित गोरक्ष पीठ आश्रम में चल रही नौ दिवसीय श्री राम कथा के समापन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाषणों का सार इन्हीं तीन शब्दों के चहुंओर रहा। उन्होंने 38 मिनट का संबोधन सत्य, सनातन, श्रद्धा, आस्था और सकारात्मकता पर केंद्रित किया। मुख्यमंत्री ने रामकथा के महत्व के साथ ही रामायण के जीवन पर होने वाले प्रभावों के बारे में भी बताया।

श्रीराम कथा के पांडाल में अंकित ''राम गाओ, आनंद पाओ'' पर केंद्रित होकर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पांच हजार वर्ष पहले श्रीमद्भागवत कथा शुरू हुई थी, जो अब भी सैकड़ों की संख्या में एकत्र लोग एक साथ बैठकर सुनते हैं।

यह आस्था ही उनको आज भी जोड़े हुए है। उन्होंने अयोध्या का उल्लेख किया कि रामलला के दर्शन के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। पूर्व में ऐसी स्थिति नहीं थी।

त्रेता युग में श्रीराम पुष्पक विमान से अयोध्या आए थे। जबकि वर्ष 2017 से पहले वहां सड़कें संकरी थीं, रेल संसाधन नहीं थे, हवाई सेवा नहीं थी। अब अयोध्या को हवाई संसाधनों से जोड़ा जा चुका।

इंटरनेशनल हवाई अड्डे का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया, क्योंकि राम से पहला संवाद रामायण के रूप में महर्षि वाल्मीकि ने संस्कृत में लिखी रामायण से कराया।

इसके बाद दुनिया की कई भाषाओं में रामायण लिखी गईं, लेकिन मूल में वाल्मीकि रामायण समाहित है। उन्होंने कहा कि भारतवासी शुभ कार्याें से पहले अखंड पाठ कराते हैं, क्योंकि श्रद्धावान को ही ज्ञान प्राप्त हो सकता है।

आस्था से सकारात्मकता आती है और अनास्था से तुष्टिकरण, आतंक और शोषण का भाव पैदा होता है। उन्होंने कहा कि आस्था की वजह से ही काशी के साथ मथुरा और वृंदावन चमक रहा है। काशी में हजारों श्रद्धालु रोजाना दर्शन करते हैं।

गोला गोकर्णनाथ का विकास कराया जा रहा है। प्रदेश की सुरक्षा, शिक्षा, समानता और उद्यमशीलता बढ़ने को सकारात्मकता से जोड़ते हुए कहा कि समाज के हर तबके को सुरक्षा हो, योजनाओं का लाभ मिल जाए और तुष्टिकरण नहीं होना ही रामराज्य है। मुख्यमंत्री ने भाषण का समापन करते हुए कहा कि वाणी को देता हूं विराम, जय जय श्री राम।

संतों के लिए पांडाल में विशेष स्थान

कार्यक्रम स्थल पर संतों के लिए विशेष स्थान दिया गया था। काशी, अयोध्या व अन्य जनपदों से आए संतों को सबसे आगे बैठाया गया था। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान उनका स्वागत किया।

कहा कि यह विशेष अवसर है कि सुदूर गांव में इतनी बडृी संख्या में संतजन और श्रद्धालु पहुंचे। यह हम सभी की आस्था को प्रकट करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों मैं बरेली आया तब मुझे गांव में श्रीरामकथा आयोजन की सूचना दी गई थी। यहां आकर देखा कि वास्तव श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को भव्य बना दिया।

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