करवाचौथ से ठीक पहले उजड़ा सुहाग: चांद के दीदार की तैयारी कर रही पत्नियों पर टूटा दुखों का पहाड़
करवाचौथ से ठीक पहले पीलीभीत में हुए एक सड़क हादसे में दो मजदूरों की मौत हो गई, जिससे दो परिवारों ...और पढ़ें

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HighLights
बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
जाहिद हुसैन, न्यूरिया (पीलीभीत)। करवाचौथ पर पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखने की तैयारी थी। घर में दही-जलेबी का इंतजाम था और चांद निकलने के साथ पति के आने का इंतजार भी। मगर किसे पता था कि त्योहार से पहले ही जिंदगी ऐसा अंधेरा कर जाएगी, इसमें खुशियों का चांद हमेशा के लिए डूब जाएगा।
सैजनिया गांव के भानू प्रताप (28) और तंसुख राम (40) की सड़क हादसे में मौत ने दो परिवारों के अरमानों को मातम में बदल दिया। भानू की पत्नी सावित्री देवी ने पति के लिए जो सपने संजोए थे, वे एक झटके में बिखर गए।
दो साल पहले उसकी शादी हुई थी, छह माह का मासूम मां की गोद में है, तो छह वर्षीय रवि और चार साल की जूही अभी यह भी नहीं समझ सकते कि उनके पिता अब कभी लौटकर नहीं आएंगे।
जिस उम्र में बच्चों को पिता की उंगली थामकर चलना सीखना चाहिए, उस उम्र में उनके सिर से पिता का साया उठ गया। दूसरी ओर, तंसुख राम की पत्नी गंगा देवी पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
15 वर्षीय सूर्य और 12 वर्षीय देवकी के लिए पिता ही परिवार का सहारा थे। अब घर की जिम्मेदारियों और भविष्य की चिंता के बीच मां के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।
दोनों मजदूर रोज की तरह खटीमा में मजदूरी करने गए थे। न्यूरिया स्टेशन पर बाइक खड़ी कर ट्रेन से काम पर जाते और शाम को लौटकर उसी बाइक से गांव पहुंचते थे।
बुधवार को भी घर वापसी का सफर शुरू हुआ, लेकिन नहर रोड पर लकड़ी भरी ट्रैक्टर-ट्राली ने उनकी जिंदगी छीन ली। करवाचौथ का चांद तो निकलेगा, घरों में पूजा भी होगी, मगर सावित्री और गंगा की आंखें उस चेहरे को तलाशेंगी, जो अब कभी दिखाई नहीं देगा।
जिन हाथों में पूजा की थाली होनी थी, उनमें अब अपनों को खोने का दर्द है। त्योहार की रात इन दोनों घरों में चांदनी नहीं, दो परिवारों के उजड़ने का अंधेरा पसरा रहेगा।
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