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आयुष्मान योजना में बड़ा बदलाव: बिना NABH मान्यता के निजी अस्पतालों में नहीं मिलेगा कैशलेस इलाज

Published: Tue, 13 Oct 2026 01:40 PM (IST)

आयुष्मान भारत योजना से जुड़े निजी अस्पतालों के लिए अब NABH मान्यता अनिवार्य होगी, जिससे मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल ...और पढ़ें

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HighLights

  1. जिले में चार निजी अस्पतालों ने हासिल किया प्रमाणपत्र

  2. बाकी अस्पतालों को दिसंबर तक व्यवस्था सुधारने के निर्देश

जागरण संवाददाता, पीलीभीत। आयुष्मान भारत योजना से जुड़कर मरीजों को कैशलेस इलाज देने वाले निजी अस्पतालों के लिए अब गुणवत्ता के मानकों पर खरा उतरना अनिवार्य होगा। शासन ने योजना में शामिल अस्पतालों के लिए नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फार हास्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) प्रमाणन को जरूरी कर दिया।

नए नियम के तहत बिना इस सर्टिफिकेट के किसी भी नए निजी अस्पताल को आयुष्मान के पैनल में शामिल नहीं किया जाएगा, जबकि पहले से सूचीबद्ध अस्पतालों को भी तय समय में मानकों को पूरा करना होगा।

जनपद में अब तक सिर्फ चार निजी अस्पताल ही यह मान्यता हासिल कर पाए हैं, शेष को दिसंबर तक प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।जिले में अगस्त माह तक आयुष्मान भारत योजना में 2,46,973 परिवारों के 11,89,627 सदस्यों का पंजीकरण हो चुका है।

इनमें से 8,56,758 से अधिक लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। योजना के तहत मरीजों को निशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के लिए 29 सरकारी और लगभग 26 निजी अस्पताल अधिकृत हैं।

अब इन निजी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर फोकस किया जा रहा है। स्टेट हेल्थ एजेंसी उत्तर प्रदेश द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में अस्पतालों को एनएबीएच मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं विकसित करने को कहा गया है।

इसमें मरीजों की सुरक्षा, संक्रमण नियंत्रण, स्वच्छता, उपकरणों व सुविधाओं की उपलब्धता, स्टाफ की तैनाती और उपचार की पूरी प्रक्रिया की जांच की जाएगी, ताकि मरीजों को सुरक्षित और स्तरीय इलाज मिल सके।

बताया गया कि 14 सितंबर को केंद्र से आई टीम ने जिला आयुष्मान इकाई और निजी अस्पताल संचालकों के साथ बैठक कर इस संबंध में प्रशिक्षण दिया था। करीब तीन माह पहले शुरू हुई यह प्रक्रिया एक अक्टूबर से तेज कर दी गई है।

जिले में जेएमबी हास्पिटल, मेडिकेयर, कौशल्या देवी आई हास्पिटल और भारत रश्मि सेठी नर्सिंग होम को एनएबीएच प्रमाणपत्र मिल चुका है। अन्य अस्पतालों को भी जरूरी मानक पूरे करने के साथ ही आनलाइन पंजीकरण और टोकन सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

नई व्यवस्था के तहत बिना एनएबीएच प्रमाणपत्र के किसी नए निजी अस्पताल को आयुष्मान पैनल में नहीं जोड़ा जाएगा। पहले से जुड़े अस्पतालों को भी गुणवत्ता मानक पूरे करने होंगे। जिले में चार अस्पतालों ने यह प्रमाणपत्र ले लिया है, बाकी को भी निर्देशित किया गया है। इससे मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा।

- डाॅ. बीसी पंत, सीएमओ


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