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UP Tourism: पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यटन के टूटे सारे रिकॉर्ड, इस बार सबसे अधिक पर्यटकों की हुई आमद; और बढ़ेगी संख्या!

वर्ष 2014 में नौ जून को पीलीभीत टाइगर रिजर्व बना था। तब से लेकर अब तक पर्यटकों की संख्या निरंतर बढ़ती रही है। कोरोना काल के दो साल पर्यटन सत्र समय से पहले खत्म कर दिया गया था। उसके बाद के वर्षों में पर्यटक उमड़ते रहे लेकिन इस बार पिछले सारे रिकॉर्ड टूट गए। पिछले सत्र में लगभग 23 हजार 500 पर्यटक आए लेकिन इस बार आंकड़ा अब तक 40...

By Devendrda Deva Edited By: Riya Pandey Published: Sun, 09 Jun 2024 03:39 PM (IST)Updated: Sun, 09 Jun 2024 03:39 PM (IST)
इस बार टाइगर रिजर्व में पर्यटन के टूटे पिछले सारे रिकॉर्ड

जागरण संवाददाता, पीलीभीत। इस बार टाइगर रिजर्व में पर्यटन के पिछले सारे रिकॉर्ड टूट गए। टाइगर रिजर्व की स्थापना होने के बाद से अब तक इस बार सबसे ज्यादा संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक यहां आ चुके हैं। अभी पर्यटन सत्र 15 जून तक चलना है। ऐसे में पर्यटकों की संख्या और बढ़ेगी।

पर्यटन बढ़ने से न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसरों में बढ़ोत्तरी हुई बल्कि टाइगर रिजर्व की आय भी काफी बढ़ गई। दरअसल टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सुविधाओं में लगातार विस्तार होते रहने की वजह से पर्यटन को पंख लग गए।

2014 में बना था पीलीभीत टाइगर रिजर्व

वर्ष 2014 में नौ जून को पीलीभीत टाइगर रिजर्व बना था। तब से लेकर अब तक पर्यटकों की संख्या निरंतर बढ़ती रही है। कोरोना काल के दो साल पर्यटन सत्र समय से पहले खत्म कर दिया गया था। उसके बाद के वर्षों में पर्यटक उमड़ते रहे लेकिन इस बार पिछले सारे रिकॉर्ड टूट गए। पिछले सत्र में लगभग 23 हजार 500 पर्यटक आए लेकिन इस बार आंकड़ा अब तक 40 हजार के आसपास पहुंच चुका है।

जब टाइगर रिजर्व बना था तो मुख्य तौर पर चूका स्थल ही सबसे खास पर्यटन स्थल माना जाता था। तब यहां चंद हट ही बनी थी। छोटी की कैंटीन हुआ करती थी। जंगल के आसपास कोई होम स्टे भी नहीं था। बाद में जैसे जैसे पर्यटकों की संख्या बढ़ती गई तो होम स्टे भी खुलने लगे।

सबसे पहला होम स्टे यहां रेंजर रहे अनिल शाह की बेटी दिव्या शाह ने स्थापित किया था। फिर तो साल दर साल होम स्टे बढ़ते गए। वर्तमान में होम स्टे की संख्या एक दर्जन तक पहुंच चुकी है। पर्यटकों के खानपान के लिए जंगल के आसपास अनेक रेस्टोरेंट स्थापित हो गए। चूका पर्यटन स्थल को और ज्यादा आकर्षक बनाने केे साथ ही सुविधाओं का विस्तार हो गया।

जंगल सफारी गाड़ियों की संख्या 30 से बढ़कर हुई 60

कई साल पहले तक पर्यटकों को जंगल सफारी कराने के लिए 30 वाहन हुआ करते थे। जब पर्यटकों की संख्या के लिहाज से ये वाहन कम पड़ने लगे तो टाइगर रिजर्व प्रशासन ने गाड़ियों की संख्या बढ़ाकर 60 कर दी। तब भी हालत यह है कि साप्ताहिक अवकाश के दिन इतनेे ज्यादा पर्यटक उमड़ते हैं कि सफारी वाहन कम पड़ जाते हैं।

सप्त सरोवर बना नया पर्यटन स्थल

बराही रेंज में स्थित सप्त सरोवर नया पर्यटन स्थल बन गया। यहां पर पर्यटकों को रात्रि विश्राम की सुविधा देने के लिए लकड़ी व टेंट के दो दो काटेज बन गए। दो अन्य काटेज का पक्का निर्माण हो गया। निकट स्थित सेल्हा गांव में भी पर्यटकों के ठहरने के लिए व्यवस्थाएं कराई गईं। इस गांव को टूरिज्म विलेज का दर्जा दिया गया। इससे स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ गए।

शारदा सागर में तैरता पुल

करीब पांच साल पहले चूका के निकट स्थित शारदा सागर डैम में बोटिंग को बढ़ावा देने के लिए मोटरबोट की व्यवस्था कराई गई। दो साल पहले इसे और आकर्षक बनाने के लिए फाइबर का जैटी पुल (पानी में तैरता पुल) बनवा दिया गया। तब से पर्यटकों का आकर्षण और बढ़ गया है।

पिछले वर्षों में देशी-विदेशी पर्यटकों की आमद

वर्ष  पर्यटक देशी  पर्यटक विदेशी
2014 11135 00
2015 14172 10
2016 17566  13
2017 16360 15
2018 14887 16
2019 15885 23
2020 7122 13
2021 12579 02
2022 16287 07
2023 23526 54
2024 45000 168 (8 जून तक)

अब तक सफारी गाड़ियों से मिली 1 करोड़ की आय

वन क्षेत्राधिकारी महोफ सहेंद्र यादव के अनुसार, इस बार पर्यटकों की संख्या काफी अधिक रही है। अभी 15 जून तक पर्यटन चलेगा। ऐसे में संख्या बढ़कर 50 हजार के आसपास पहुंचने की संभावना है। सफारी वाहनों से टाइगर रिजर्व को एक करोड़ की आय हुई है। हटों की बुकिंग के प्राप्त धनराशि में से वन निगम की ओर से टाइगर रिजर्व को निश्चित हिस्सा मिलना अभी शेष है। इस बार पर्यटन सत्र सबसे अच्छा रहा है।

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