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यीडा की 6210 करोड़ की हेरिटेज सिटी पर फिर पेच, बाढ़ के खतरे और लाइसेंस फीस पर मांगा जवाब

Published: Thu, 08 Oct 2026 10:45 AM (IST)

मथुरा में यीडा की 6210 करोड़ की हेरिटेज सिटी परियोजना पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति ने यमुना नदी की बाढ़ और लाइसेंस फीस को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।

प्रस्तावित हेरिटेज सिटी के यमुना नदी की बाढ़ से प्रभावित होने की संभावना और लाइसेंस फीस पर सुझाव लेकर दोबारा प्रस्ताव सचिव समिति के सामने रखने को कहा गया है। एआई इमेज

प्रस्तावित हेरिटेज सिटी के यमुना नदी की बाढ़ से प्रभावित होने की संभावना और लाइसेंस फीस पर सुझाव लेकर दोबारा प्रस्ताव सचिव समिति के सामने रखने को कहा गया है। एआई इमेज

HighLights

  1. हेरिटेज सिटी परियोजना पर मुख्य सचिव समिति ने सवाल उठाए।

  2. यमुना नदी की बाढ़ से प्रभावित होने की संभावना पर चिंता।

  3. परियोजना के लिए लाइसेंस फीस तय करने पर भी मांगा सुझाव।

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। मथुरा जिले में यीडा की हेरिटेज सिटी परियोजना को लेकर लखनऊ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में दो बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। प्रस्तावित हेरिटेज सिटी के यमुना नदी की बाढ़ से प्रभावित होने की संभावना और लाइसेंस फीस पर सुझाव लेकर दोबारा प्रस्ताव सचिव समिति के सामने रखने को कहा गया है।

एनएचएआई करेगा निर्माण

यमुना प्राधिकरण के फेज दो में शामिल राया अर्बन सेंटर के तहत हेरिटेज सिटी परियोजना प्रस्तावित है। 750 एकड़ में प्रस्तावित इस परियोजना की लागत 6210 करोड़ रुपये अनुमानित है। परियोजना को एनएच 44 से यमुना एक्सप्रेसवे के बीच प्रस्तावित 15.3 किमी लंबी सड़क के दोनों ओर विकसित किया जाएगा। इसका निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण कर रहा है।

समिति ने दो बिंदुओं पर मांगा जवाब

हेरिटेज सिटी परियोजना की निविदा को प्रदेश सरकार की निविदा मूल्यांकन समिति की स्वीकृति के बाद बुधवार को मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में गठित सचिव समिति की स्वीकृति के लिए रखा गया था, लेकिन समिति ने दो बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट कर बोर्ड के माध्यम से प्रस्ताव समिति के सम्मुख रखने के निर्देश दिए हैं। हेरिटेज सिटी की प्रस्तावित साइट यमुना नदी की बाढ़ से प्रभावित हो गई थी।

अब यीडा को दो जगहों पर देना होगा प्रस्ताव

इसलिए समिति ने निर्देश दिए हैं कि सिंचाई विभाग से मूल्यांकन करा लिया जाए कि भविष्य में यमुना नदी में बाढ़ से हेरिटेज सिटी को किसी तरह का नुकसान हो नहीं होगा, इसके अलावा हेरिटेज सिटी के लिए लाइसेंस फीस तय की जाए या नहीं, इस पर भी राय लेकर यीडा को पहले बोर्ड व उसके बाद सचिव समिति के सम्मुख प्रस्ताव रखना होगा।

शासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए

सचिव समिति की स्वीकृति के बाद ही निविदा को प्रदेश कैबिनेट से स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। इसके बाद पीपीपी माॅडल पर हेरिटेज सिटी परियोजना के विकासकर्ता चयन के लिए निविदा जारी होगी। बैठक में यीडा सीईओ राकेश कुमार सिंह के अलावा शासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

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