यमुना एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेगा NH-44, क्या हैं मथुरा हेरिटेज सिटी के 4 मुख्य कंपोनेंट्स और जमीन का मुआवजा प्लान
मथुरा में हेरिटेज सिटी परियोजना की मुआवजा दर जल्द तय होगी, जिसकी प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में ब्रज विकास परिषद की बैठक में पेश की जाएगी।

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड
HighLights
मथुरा हेरिटेज सिटी मुआवजा दर जल्द तय होगी।
एनएच-44 यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगी 15.3 किमी सड़क।
परियोजना में हेरिटेज सिटी सहित चार घटक शामिल।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। मथुरा जिले में हेरिटेज सिटी की मुआवजा दर जल्द तय हो सकती हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को मथुरा में होने वाली ब्रज विकास परिषद की बोर्ड बैठक में हेरिटेज सिटी परियोजना की प्रगति का खाका भी पेश किया जाएगा।
हेरिटेज सिटी को एनएचएआई की प्रस्तावित सड़क के दोनों ओर विकसित किया जाएगा। इसलिए सड़क और हेरिटेज सिटी के लिए जमीन का मुआवजा दर एक समान होने की उम्मीद है।
छह हजार करोड़ से अधिक लागत वाली हेरिटेज सिटी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी परियोजना में शामिल है। यमुना प्राधिकरण फेज दो में शामिल इस परियोजना को धरातल पर उतरने के लिए वर्षों से प्रयास कर रहा है।
एनएच 44 से यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ेगी 15.3 किमी सड़क
परियोजना की निविदा को पीपीपी निविदा मूल्यांकन समिति की स्वीकृति मिलने के बाद अब इसे धरातल पर उतरने का काम तेजी से आगे बढ़ेगा। मथुरा जिला प्रशासन जमीन की मुआवजा दर जल्द तय कर सकता है।
दरअसल हेरिटेज सिटी परियोजना को एनएचएआई की प्रस्तावित सड़क के दोनों ओर विकसित करने की योजना है। 15.3 किमी लंबी यह सड़क एनएच 44 से यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए बनाई जाएगी। इसी सड़क से यीडा एक सड़क यमुना नदी तक बनाएगा।
इसके लिए साढ़े चार हजार हेक्टेयर जमीन क्रय की जाएगी। यह सड़क दूसरी ओर यमुना नदी पर प्रस्तावित सस्पेंशन ब्रिज से जुड़ेगी। सड़क की चौड़ाई तीस मीटर होगी। इसके नजदीक ही 17.5 हे. में पार्किंग विकसित होगी।
एनएचएआई की सड़क के करीब आधी लंबाई में दोनों ओर 753 एकड़ में हेरिटेज सिटी विकसित होगी। हेरिटेज सिटी व उसके हिस्से में आने वाली सड़क के लिए जमीन क्रय यीडा करेगा। शेष जमीन एनएचएआई क्रय करेगा।
परियोजना आपस में जुड़ी होने के कारण दोनों की मुआवजा दर समान होने की संभावना है। ब्रज विकास परिषद की बोर्ड बैठक में यीडा अधिकारी हेरिटेज सिटी परियोजना की प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे। इसी बीच जमीन को लेकर भी चर्चा हो सकती है।
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यीडा एसीईओ शैलेंद्र भाटिया का कहना है कि हेरिटेज सिटी का विकास पीपीपी माडल पर होना है। परियोजना की लागत छह हजार करोड़ से अधिक है।
निविदा मूल्यांकन समिति की स्वीकृति के बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित सचिव समिति की स्वीकृति के लिए बैठक आयोजन करने को यीडा की ओर से शासन को पत्र भेज दिया गया है। इसके बाद ही कैबिनेट से निविदा पर मुहर लगेगी और विकासकर्ता चयन के लिए इसे जारी कर दिया जाएगा।
परियोजना मेंं चार कंपोनेंट
मथुरा जिले में चार कंपोनेंट पर विकास होना है। पहला कंपोनेंट 753 एकड़ में विकसित होने वाला हेरिटेज सिटी है। जबकि दूसरा कंपोनेंट पिलग्रिम योजना के तहत साढ़े चार हजार हे. में प्रस्तावित 30 मीटर सड़क है। तीसरा कंपोनेंट पार्किंग व उसमें विकसित होने वाली रेस्त्रां व अन्य सुविधाएं और चौथा कंपोनेंट यमुना नदी पर प्रस्तावित सस्पेंशन ब्रिज है। इसे सेतु निगम बनाएगा।
