YEIDA में साल के अंत तक बसेगी जापानी सिटी, 500 एकड़ में होगा हाईटेक विकास; 60% भूमि अधिग्रहण पूरा
यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण ने यमुना सिटी में प्रस्तावित जापानी सिटी के लिए भूमि अधिग्रहण तेज कर दिया है, जिसका लक्ष्य ...और पढ़ें

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HighLights
यमुना सिटी में जापानी सिटी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण तेज।
500 एकड़ में विकसित होगी एकीकृत जापानी टाउनशिप।
परियोजना को इस साल के अंत तक धरातल पर लाने का लक्ष्य।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। यूपी-जापान इंवेस्टमेंट मीट 2026 के बाद यमुना सिटी में प्रस्तावित जापानी सिटी को विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण (यीडा) ने सेक्टर-5ए में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भूमि खरीद तेज कर दी है।
प्राधिकरण ने गोविला गांव के किसानों की सूची जारी करते हुए 15 दिनों के भीतर आपत्ति मांगी है। आपत्ति निस्तारण के बाद शेष भूमि की खरीद प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। प्राधिकरण की योजना इसी वर्ष के अंत तक परियोजना को धरातल पर उतारने की है।
भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों से सीधा संवाद
यीडा के अधिकारियों के अनुसार सेक्टर-5ए में करीब 500 एकड़ में जापानी सिटी बसाई जाएगी। इसमें औद्योगिक, संस्थागत, आवासीय और वाणिज्यिक सभी तरह की गतिविधियां होंगी। यह एक इंटीग्रेटेड टाउनशिप के रूप में विकसित होगी, जहां जापानी उद्योगों के साथ-साथ उनके कर्मचारियों और परिवारों के लिए विश्वस्तरीय आवास, स्कूल, अस्पताल और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस परियोजना को राजस्थान के नीमराणा में बनी जापानी टाउनशिप की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। भूमि अधिग्रहण को लेकर यीडा सीधे किसानों से संवाद कर रहा है। अब तक कुल प्रस्तावित भूमि में से लगभग 300 एकड़ यानी 60 प्रतिशत भूमि की खरीद पूरी हो चुकी है। शेष भूमि के लिए भी किसानों से सहमति बनाई जा रही है।
जापान के उद्यमियों को प्राथमिकता
प्राधिकरण का दावा है कि जापानी सिटी में जापान के उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि यहां जापानी निवेश का एक समर्पित क्लस्टर बन सके। हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट में जापानी सिटी मुख्य आकर्षण रही। इस दौरान जापान के कई उद्यमियों के प्रतिनिधिमंडल ने यमुना सिटी का दौरा कर निवेश की संभावनाओं का आकलन किया था।
सीईओ आरके सिंह का कहना है कि जापानी सिटी के लिए आधी से ज्यादा भूमि की खरीद हो चुकी है। शेष भूमि के लिए किसानों से सीधे संवाद कर खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जापानी उद्यमियों ने परियोजना में काफी रुचि दिखाई है। उन्हें यहां इकाई लगाने के लिए आमंत्रित किया गया है।
