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यमुना प्राधिकरण के गांवों में घर बनाने के लिए लेना होगा नक्शा पास, लागू होने जा रही नई नीति

Published: Fri, 16 Oct 2026 10:29 AM (GMT+05:30)

यमुना प्राधिकरण अपने अधिसूचित गांवों में बेतरतीब निर्माण रोकने के लिए नई नीति ला रहा है, जिसके तहत घर बनाने ...और पढ़ें

प्राधिकरण अधिसूचित गांवों में बेतरतीब निर्माण रोकने के लिए मानचित्र स्वीकृति अनिवार्य की जाएगी।

प्राधिकरण अधिसूचित गांवों में बेतरतीब निर्माण रोकने के लिए मानचित्र स्वीकृति अनिवार्य की जाएगी।

HighLights

  1. यमुना प्राधिकरण गांवों में मानचित्र स्वीकृति अनिवार्य करेगा।

  2. बेतरतीब निर्माण रोकने और बुनियादी ढांचा बचाने का लक्ष्य।

  3. नीति लागू करने से पहले ग्रामीणों से सुझाव लिए जाएंगे।

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण के अधिसूचित गांवों में बेतरतीब निर्माण रोकने के लिए मानचित्र स्वीकृति अनिवार्य की जाएगी। इसे लागू करने से पहले ग्रामीणों से सुझाव और आपत्तियां ली जाएगी। इसके बाद नीति को बोर्ड की स्वीकृति से लागू किया जाएगा।

प्राधिकरण क्षेत्र में आबादी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। उद्योगों में काम करने वालों की आवासीय जरूरत को पूरा करने एवं किराये के लिए गांवों में बेतरतीब निर्माण हो रहा है। इससे गांवों का बुनियादी ढांचे पर असर पड़ने की आशंका है।

गांवों में सड़क, सीवर, पेयजल जैसी सुविधाओं के लिए आने वाले समय में मुश्किल हो सकती हैं। गांवों में हो रहे बेतरतीब निर्माण को रोकने के लिए यीडा नीति लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत सेक्टर की तर्ज पर गांवों में भी निर्माण के लिए भी मानचित्र स्वीकृति अनिवार्य होगी।

हालांकि वर्ष 2016 से औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र के गांवों में निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृति का प्रविधान है। लेकिन, इसका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। यीडा सीईओ आरके सिंह ने नियोजन विभाग को प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद नीति को लागू किया जाएगा।

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