विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में रेंट एग्रीमेंट का स्टांप शुल्क घटा, अब बढ़ेंगे रजिस्टर्ड एग्रीमेंट; जानिए नई दरें

Published: Fri, 16 Oct 2026 10:13 AM (GMT+05:30)

गौतमबुद्ध नगर जिले में किराएनामे पर स्टांप शुल्क घटने से लाखों किराएदारों और मकान मालिकों को बड़ी राहत मिली है। ...और पढ़ें

उम्मीद की जा रही है कि शुल्क सीमित होने से अब वैध और पंजीकृत अनुबंधों की संख्या तेजी से बढ़ेगी। एआई इमेज

उम्मीद की जा रही है कि शुल्क सीमित होने से अब वैध और पंजीकृत अनुबंधों की संख्या तेजी से बढ़ेगी। एआई इमेज

HighLights

  1. किराएनामे पर देय अधिकतम स्टांप शुल्क की सीमा निर्धारित।

  2. पहले के भारी शुल्क से अब मात्र 1000-3000 रुपये में पंजीकरण।

  3. वार्षिक पंजीकृत किराएनामों की संख्या तीन-चार गुना बढ़ेगी।

 जागरण संवाददाता, नोएडा। गौतमबुद्ध नगर जिले में किराए के मकान, फ्लैट और व्यावसायिक संपत्तियों में रहने वाले लाखों लोगों को स्टांप शुल्क घटने से राहत मिली है। किराएनामे पर देय अधिकतम स्टांप शुल्क की सीमा निर्धारित करने से वर्षों पुरानी विसंगति को खत्म किया है। मकान मालिक और किराएदारों के बीच बढ़ रहे विवाद इससे कम होंगे।

पहले पहले भारी-भरकम स्टांप ड्यूटी के डर से लोग रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कराने से बचते हुए हर 11 महीने में 100 रुपये के नोटरी अनुबंध का सहारा लेते थे। कानूनी मान्यता के अभाव में विवाद की स्थिति में पुलिस व अदालतों के चक्कर काटने पड़ते थे। शुल्क सीमित होने से अब वैध और पंजीकृत अनुबंधों की संख्या तेजी से बढ़ेगी।

स्टांप खर्च घटकर बेहद कम हुआ

किराएनामे के लिए पूर्व में कुल सालाना किराए और सिक्योरिटी राशि पर दो प्रतिशत या सर्कल रेट आधारित गणना से 15 से 25 हजार रुपये तक का स्टांप शुल्क चुकाना पड़ता था। इस भारी खर्च के कारण अधिकांश लोग लीज रजिस्टर्ड नहीं कराते थे। अब वही अनुबंध मात्र 1000 से 3000 रुपये में आधिकारिक रूप से पंजीकृत हो सकेगा।

तीन से चार गुना बढ़ सकता है पंजीकरण

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में प्रतिवर्ष महज 15 से 20 हजार किराएनामे ही पंजीकृत होते थे, जबकि चार लाख से अधिक परिवार किराए पर रहते हैं। शुल्क घटने और प्रक्रिया सरल होने से वार्षिक पंजीकरण का आंकडा सीधे सालाना 50 से 60 हजार तक पहुंच सकता है।

वार्षिक किराए पर स्टांप शुल्क की दरें

दो लाख वार्षिक किराया नई स्टांप दरें (रुपये में)
एक वर्ष 1000 
एक से पांच वर्ष 2000 
पांच से 10 वर्ष 4000 
दो से छह लाख वार्षिक किराया नई स्टांप दरें (रुपये में)
एक वर्ष 3000
एक से पांच वर्ष 5000
पांच से 10 वर्ष 8000

छह से 10 लाख वार्षिक किराया

नई स्टांप दरें (रुपये में)
एक वर्ष 4500
एक से पांच वर्ष 8000
पांच से 10 वर्ष  13000

किरायेनामे के लिए स्टांप की दरें कम की गईं हैं। उम्मीद है अब अधिक किराएनामे पंजीकृत होंगे और विभाग का राजस्व बढ़ेगा।

-अरुण कुमार शर्मा, एआईजी निबंधन फर्स्ट।

यह भी पढ़ें- गाजियाबाद में दो दारोगा सस्पेंड, जिस युवक पर हमला मामले में गिरी गाज; वह नोएडा में निकला शातिर लुटेरा

यह भी पढ़ें- नोएडा में आधी रात एनकाउंटर, मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से घायल बदमाश गिरफ्तार