CM योगी आदित्यनाथ की बैठक के 3 दिन बाद एक्शन में यूपीपीसीबी, ग्रेटर नोएडा में धूल देख भड़के चेयरमैन
मुख्यमंत्री योगी की बैठक के बाद यूपीपीसीबी चेयरमैन ने ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण हॉटस्पॉट्स का निरीक्षण किया। धूल और धुएं ...और पढ़ें
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निरीक्षण के दौरान हर जगह धूल और धुएं से निपटने के इंतजाम फेल मिलने पर उन्होंने भारी नाराजगी जताई। प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
यूपीपीसीबी चेयरमैन ने ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण हॉटस्पॉट्स का औचक निरीक्षण किया।
निर्माण स्थलों पर धूल और धुएं के इंतजामों में गंभीर खामियां मिलीं।
प्राधिकरण को ग्रीन नेट, पानी छिड़काव और मैकेनिकल स्वीपिंग के निर्देश।
रंजीत मिश्रा, ग्रेटर नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक के मात्र तीन दिन बाद ही उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। सोमवार को यूपीपीसीबी के चेयरमैन डॉ. आरपी सिंह ने ग्रेटर नोएडा के कई प्रमुख प्रदूषण हॉटस्पॉट्स का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान हर जगह धूल और धुएं से निपटने के इंतजाम फेल मिलने पर उन्होंने भारी नाराजगी जताई।
नॉलेज पार्क-3 में मिलीं गंभीर खामियां
डॉ. आरपी सिंह के निरीक्षण की शुरुआत नॉलेज पार्क-3 स्थित नासा पार्किंग साइट से हुई। वहां निर्माण स्थल पर धूल को उड़ने से रोकने के लिए न तो टीन शेड लगाए गए थे और न ही पानी के छिड़काव की कोई व्यवस्था थी। खुलेआम उड़ती धूल देखकर चेयरमैन भड़क गए और उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
कई प्रमुख इलाकों का जायजा, सड़कों पर मिली धूल
इसके बाद चेयरमैन का काफिला ग्रेटर नोएडा वेस्ट, नॉलेज पार्क, ऐस सिटी गोलचक्कर से 130 मीटर रोड और सूरजपुर से यामाहा कट तक पहुंचा। इस दौरान पाई गई मुख्य कमियां...
- सड़कों पर धूल : कई प्रमुख सड़कों पर महीनों से धूल जमी हुई पाई गई।
- खुले में निर्माण सामग्री : निर्माण कार्य से जुड़ी सामग्रियां बिना ढके खुले में रखी थीं।
- निगरानी केंद्रों पर लापरवाही : एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों के आसपास भी साफ-सफाई के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले।
प्राधिकरण सीईओ के साथ बैठक और सख्त निर्देश
निरीक्षण के बाद डॉ. आरपी सिंह ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्दी का मौसम शुरू होने से पहले ही प्रदूषण नियंत्रण के सभी उपाय जमीन पर दिखाई देने चाहिए।
चेयरमैन ने जारी किए मुख्य निर्देश...
- ग्रीन नेट का प्रयोग : सभी निर्माण साइटों को ग्रीन नेट से पूरी तरह कवर किया जाए।
- पानी का छिड़काव : एंटी-स्मॉग गन चलाने और पानी के नियमित छिड़काव में कोई लापरवाही न बरती जाए।
- मैकेनिकल स्वीपिंग : सड़कों की मैकेनिकल स्वीपिंग (मशीनी सफाई) रोजाना सुनिश्चित की जाए।
- सख्त कार्रवाई : नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों और ठेकेदारों पर तुरंत भारी जुर्माना लगाया जाए।
प्राधिकरण ने दिया सख्ती का आश्वासन
बैठक के दौरान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने आश्वासन दिया कि प्राधिकरण सभी निर्माण स्थलों पर मानकों का सख्ती से पालन कराएगा और क्षेत्र में मॉनिटरिंग को और बढ़ाया जाएगा। निरीक्षण और बैठक के दौरान क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी विकास मिश्रा समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
