ग्रेटर नोएडा के हजारों फ्लैट खरीदारों को रेरा से राहत, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया हुई आसान
यूपी रेरा ने अपंजीकृत परियोजनाओं के फ्लैट खरीदारों के लिए शिकायत प्रक्रिया को सरल बनाया है। अब खरीदारों को बिल्डर ...और पढ़ें

HighLights
अपंजीकृत परियोजनाओं की शिकायत प्रक्रिया सरल हुई।
खरीदारों को बिल्डर, परियोजना की जानकारी देनी होगी।
नियम तोड़ने पर बिल्डरों को भारी जुर्माना, जेल।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भू संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) अपंजीकृत परियोजनाओं के फ्लैट खरीदारों को बड़ी राहत दते हुए शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को और भी ज्यादा प्रभावी बनाया है। अपंजीकृत परियोजना के मामले में जानकारी रेरा की साइट पर उपलब्ध न होने की वजह से शिकायत प्रक्रिया जटिल हो जाती थी।
नई व्यवस्था के तहत अपंजीकृत परियोजना के खरीदारों को शिकायत दर्ज करते समय बिल्डर और परियोजना से संबंधित अतिरिक्त जानकारी देनी होगी। जिसमें बिल्डर का संपर्क विवरण, परियोजना में साझेदारी, परियोजना की लोकेशन, जमीन, नक्शा, निर्माण की स्थिति और बिक्री की स्थिति जैसी महत्वपूर्ण जानकारी शामिल होगी।
रेरा चेयरमैन संजय भूस रेड्डी ने बताया कि निर्देशों का पालन न करने वाले ऐसे बिल्डरों पर परियोजना की अनुमानित लागत का 10 प्रतिशत तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा आदेशों का उल्लंघन करने पर अतिरिक्त जुर्माना और अधिकतम 3 साल तक की सजा का भी प्रविधान है।
डिफाल्टर बिल्डरों को दी चेतावनी
रेरा अधिकारियों ने अपंजीकृत परियोजना का सहारा लेकर खरीदारों के अधिकारों का हनन करने वाले बिल्डरों को भी चेतावनी दी है। रेरा अधिकारियों का कहना है कि बिल्डरों को खरीदारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
