'मरना है तो मरो, नहीं रोकेंगे बस', जलने की बदबू आने पर यात्रियों ने टोका तो ड्राइवर ने धमकाया
Greater Noida Bus Fire: यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने से नौ यात्रियों की मौत हो गई। यात्रियों ने ...और पढ़ें
HighLights
यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग, नौ यात्रियों की मौत हुई
ड्राइवर-कंडक्टर पर यात्रियों का गंभीर लापरवाही का आरोप
जलने की बदबू को नजरअंदाज कर बस नहीं रोकी गई
जागरण संवाददाता, नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने के मामले में यात्रियों ने ड्राइवर और कंडक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
यात्री सुनील कुमार की शिकायत के मुताबिक, बस के ड्राइवर कैबिन की ओर से जलने जैसी बदबू आने पर कुछ यात्रियों ने ड्राइवर और कंडक्टर को इसकी जानकारी दी थी।
आरोप है कि ड्राइवर ने इसे सामान्य बताते हुए बस नहीं रोकी। कुछ ही देर बाद ड्राइवर की सीट के पास से तेज आग की लपटें निकलने लगीं।
आग और धुआं फैलने से कुछ यात्री बस के अंदर फंस गए और हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई। मामले में ड्राइवर और कंडक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

यात्रियों ने दी थी बदबू की जानकारी
मोहाल खुशीपुरा, थाना राठ, जिला हमीरपुर निवासी सुनील कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह बुधवार रात दिल्ली के कश्मीरी गेट से राज कल्पना ट्रेवल्स की बस संख्या BR32PA8647 से राठ जाने के लिए सवार हुआ था। बस में करीब 30-35 यात्री सवार थे।
शिकायत के अनुसार रात करीब 11:30 बजे बस नोएडा से आगरा जाने वाले मार्ग पर यमुना एक्सप्रेसवे के 33 किलोमीटर के पास पहुंची। इसी दौरान ड्राइवर कैबिन की ओर से जलने जैसी बदबू आने लगी। कुछ यात्रियों ने ड्राइवर और कंडक्टर को इसकी जानकारी दी।
सुनील का आरोप है कि ड्राइवर ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और कहा कि बस में इस तरह जलने की बदबू आती रहती है। इसके बावजूद बस रोककर जांच नहीं की गई। शिकायत में ड्राइवर और कंडक्टर के कैबिन में बीड़ी/सिगरेट पीने का भी आरोप लगाया गया है।
ड्राइवर की सीट के पास लगी थी आग
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उस समय ड्राइवर और कंडक्टर आपस में हंस रहे थे और यात्रियों को धमका रहे थे कि मरना है तो मरो, बस नहीं रोकेंगे।
सुनील के मुताबिक, कुछ ही समय बाद ड्राइवर की सीट के पास से अचानक तेज आग की लपटें निकलने लगीं। यात्रियों ने शोर मचाकर बस रोकने के लिए कहा।
इसी दौरान आग तेजी से बस में फैल गई और अंदर धुआं भर गया। बस रुकने के बाद सुनील और अन्य यात्रियों ने बाहर निकलने का प्रयास किया। सुनील समेत कई यात्री किसी तरह बस से बाहर निकल आए, लेकिन कुछ यात्री आग और धुएं के कारण बस के अंदर फंस गए।

झुलसे यात्रियों को अस्पताल ले जाया गया
आग में कई यात्री गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें उपचार के लिए कैलाश अस्पताल, जेवर ले जाया गया। सुनील के मुताबिक, अस्पताल पहुंचने पर जानकारी मिली कि नौ यात्रियों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
सुनील ने घटना के संबंध में जेवर थाने में शिकायत दी। पुलिस ने ड्राइवर और कंडक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया है। शिकायत में दोनों पर लापरवाही से बस चलाने और यात्रियों की ओर से जलने जैसी बदबू की जानकारी दिए जाने के बावजूद बस नहीं रोकने का आरोप लगाया गया है।
