तलाक की टीस और 3 करोड़ एलिमनी देने का दबाव...', इंजीनियर संभव के 43वीं मंजिल से छलांग लगाने की Inside Story
नोएडा के सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा सोसायटी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन ने 43वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। पोस्टमॉर्टम ...और पढ़ें
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संभव आत्महत्या मामला। जागरण
HighLights
नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन ने की आत्महत्या।
43वीं मंजिल से कूदने के बाद पोस्टमॉर्टम ने की पुष्टि।
तलाक और कर्ज जैसी निजी समस्याओं से थे परेशान।
जागरण संवाददााता, नोएडा। नोएडा में सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा सोसायटी के स्पायरा टावर के 43वीं मंजिल से शनिवार को गुरुग्राम मानेसर के संभव ने कूदकर जान देने मामले में रविवार को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ गई।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर भी आत्महत्या करना ही सामने आया है। घटना के दौरान कोई संदिग्धता नहीं मिली है। परिजनों की ओर से भी कोई शिकायत नहीं दी गई।
एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण शाक एंड हेमरेज आया है। ऊंचाई से गिरकर टकराने के कारण शरीर कई हिस्सों में बंट गया था। इसके चलते मल्टीपल इंजरी भी आईं हैं।

वहीं, पोस्टमॉर्टम कराकर शनिवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया था। शव की स्थिति को देखते हुए परिजनों को शनिवार देर शाम नोएडा सेक्टर-94 स्थित अंतिम निवास में ही दाहसंस्कार किया था। उनकी ओर से कोई शिकायत नहीं दी गई है। शिकायत मिलने पर जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
यह है मामला
गुरुग्राम मानसेर के रहने वाले संभव जैन आईटी कंपनी कार्यालय में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। वह वर्कफ्रॉम करते थे। वह निजी व पारिवारिक दिक्कतों के चलते परेशान थे।
वह एयरबीएनबी से बुकिंग कर शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे नोएडा सेक्टर-94 सुपरनोवा सोसायटी के स्पाइयरा टावर के 42वें तल के स्टूडियो अपार्टमेंट में रुके थे।

शनिवार पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे बालकनी से कूद गए थे। उनको एसी मकैनिक व स्टाफ ने बचाने का भी प्रयास किया था।
हंसी के पीछे छिपा था दर्द
हंसता-मुस्कुराता चेहरा, लोगों से आत्मीयता से मिलना व धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भागीदारी, संभव जैन को देख किसी को अंदाजा नहीं था कि वह अंदर ही अंदर किसी गहरे दर्द से जूझ रहे हैं।
शनिवार को नोएडा के सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा स्पाइरा सोसायटी में उनकी मौत ने आईएमटी मानेसर के सेक्टर-एक स्थित जीएच-52 सोसायटी के लोगों को स्तब्ध किया है। रविवार को भी पूरे दिन सोसायटी में लोग गमगीन रहे।
1 साल पहले पत्नी से हुआ था तलाक
मूलरूप से मेरठ का रहने वाला जैन परिवार कई वर्षों से आईएमटी मानेसर में रह रहा है। करीब ढाई वर्ष पहले संभव की शादी हुई थी। एक वर्ष पहले पत्नी से तलाक के बाद वह परेशान थे। उन पर कर्ज होने की बात भी सामने आ रही है।
पुलिस की जांच में पता चला कि 2025 में तलाक के बाद पत्नी को 3 करोड़ रुपये देने थे, जिसमें 1 करोड़ दे चुका था और एक करोड़ की दूसरी किस्त कुछ समय बाद देनी थी। इसी तनाव के चलते यह कदम उठा लिया।
गांव शिकोहपुर स्थित सिद्धांत तीर्थ क्षेत्र में पिछले सप्ताह आयोजित क्षमावाणी पर्व में भी संभव परिवार के साथ शामिल हुए थे। तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष राकेश जैन ने बताया कि उनके पिता विनय जैन वर्ष 2006 से मंदिर से जुड़े हैं।
पूरा परिवार धार्मिक आयोजनों में सक्रिय रहता है। संभव भी हर आयोजन में आगे रहते थे। उनके चेहरे पर कभी तनाव नजर नहीं आया।
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