नोएडा में रैपिडो राइडर ने महिला ग्राहक 'आई लव यू' मैसेज भेजकर कहा- जहां शिकायत करनी हो कर दो; केस दर्ज
नोएडा में एक रैपिडो डिलीवरी राइडर ने पार्सल पहुंचाने के बाद महिला ग्राहक को आपत्तिजनक मैसेज भेजे। महिला की शिकायत ...और पढ़ें

एक डिलीवरी राइडर ने पार्सल पहुंचाने के बाद महिला ग्राहक को व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक मैसेज भेजकर परेशान किया। एआई इमेज
HighLights
रैपिडो राइडर ने महिला ग्राहक को आपत्तिजनक मैसेज भेजे।
महिला ने सोशल मीडिया पर चैट साझा कर शिकायत की।
नोएडा पुलिस ने आरोपी राइडर के खिलाफ केस दर्ज किया।
जागरण संवाददाता, नोएडा। नोएडा में ऑनलाइन राइड और पार्सल डिलीवरी ऐप 'रैपिडो' की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कंपनी के एक डिलीवरी राइडर ने पार्सल पहुंचाने के बाद महिला ग्राहक को व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक मैसेज भेजकर परेशान किया। जब महिला ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने माफी मांगने के बजाय उसे पुलिस में शिकायत करने की खुली चुनौती दे डाली।
पार्सल डिलीवरी के बाद भेजा 'आई लव यू' का मैसेज
पीड़ित महिला मीडिया क्षेत्र में कार्यरत हैं, उन्होंने एप के माध्यम से एक पार्सल मंगाया था। उनके परिजनों के सेक्टर-12 स्थित पते पर पार्सल डिलीवर होने के बाद, राइडर ने महिला के व्हाट्सएप नंबर पर मैसेज भेजना शुरू कर दिया।
पहले आरोपी ने 'हेलो, कैसी हो आप' लिखा और फिर सीधे 'आई लव यू' का मैसेज भेज दिया। महिला ने जब सख्त लहजे में दोबारा मैसेज न करने और पुलिस में शिकायत की चेतावनी दी, तो राइडर ने बेखौफ होकर कहा, 'जहां मर्जी हो वहां शिकायत कर दो।'
सोशल मीडिया पर उजागर की करतूत
आरोपी के रवैये से परेशान होकर महिला ने चैट के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर कर दिए और कंपनी द्वारा राइडर्स की बैकग्राउंड जांच न कराने पर सवाल उठाए। मामला वायरल होने के बाद रेपिडो प्रबंधन ने संज्ञान लेते हुए माफी मांगी और सुरक्षा को प्राथमिकता बताया।
दूसरी ओर, नोएडा पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह के अनुसार, हरिदर्शन चौकी प्रभारी की शिकायत पर सेक्टर-24 थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं।
परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
इस घटना के बाद शहर में बिना कॉमर्शियल प्लेट के चल रहे दोपहिया वाहनों और परिवहन विभाग की ढिलाई पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि नियमों के मुताबिक व्यावसायिक सेवा के लिए कॉमर्शियल नंबर होना अनिवार्य है, लेकिन शहर में चार-चार प्रवर्तन अधिकारी होने के बावजूद बिना जांच के ऐसे वाहन बेधड़क चल रहे हैं।
