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'दुर्घटना पर प्राधिकरण जिम्मेदार नहीं', दिल्ली हादसे के बाद एक्शन में नोएडा अथॉरिटी; जर्जर मकानों को नोटिस जारी

Published: Thu, 10 Sep 2026 07:04 PM (IST)

नोएडा प्राधिकरण ने दिल्ली इमारत हादसे के बाद गांवों में जर्जर और असुरक्षित मकानों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया ...और पढ़ें

सत्य निकेतन हादसे की फाइल फोटो।

सत्य निकेतन हादसे की फाइल फोटो।

HighLights

  1. दिल्ली हादसे के बाद नोएडा अथॉरिटी ने अभियान शुरू किया।

  2. जर्जर भवनों को खाली करने के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

  3. दुर्घटना होने पर निवासियों को स्वयं जिम्मेदार माना जाएगा।

कुंदन तिवारी, नोएडा। दिल्ली में हुए इमारत हादसे के बाद नोएडा प्राधिकरण ने गांवों में जर्जर और असुरक्षित मकानों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया है।

सर्वेक्षण के दौरान जिन भवनों की स्थिति खतरनाक पाई गई है, वहां नोटिस चस्पा किए जा रहे हैं। भवन मालिकों और निवासियों को मकान खाली करने के लिए एक से दो सप्ताह का समय दिया जा रहा है।

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यदि भवन में रहने के दौरान कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी।

हालांकि, प्राधिकरण ने वर्ष 2019 में भी जर्जर भवनों का सर्वेक्षण किया था, जिसमें लगभग 1757 इमारतों को असुरक्षित चिह्नित किया गया था, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी थी।

इस बार प्राधिकरण ने नोटिस के साथ भवन खाली कराने पर जोर देने का आश्वासन दिया है। गांवों के अलावा सेक्टर-31 में 128 ईडब्ल्यूएस फ्लैट को भी जर्जर स्थिति के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।

अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने क्या दी जानकारी?

प्राधिकरण अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी ने बताया कि जिन भवनों पर नोटिस चस्पा किए गए हैं, उन्हें खाली कराया जाएगा।

नोटिस की एक प्रति पुलिस विभाग को भी भेजी जा रही है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर भवन खाली करवाकर लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा जा सके।

नोएडा प्राधिकरण 10 वर्क सर्किल में विभाजित है, जिनमें 81 गांव शामिल हैं। सभी सर्किल अधिकारियों को अपने क्षेत्र में जर्जर भवनों की पहचान और कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सदरपुर, निठारी, ममूरा, सलारपुर और भंगेल जैसे घनी आबादी वाले गांवों में सर्वे चल रहा है। मामूरा गांव में अब तक नौ भवनों पर जर्जर होने का नोटिस चस्पा किया जा चुका है।

इन मकानों में लोग अभी भी रह रहे हैं। नोटिस में तत्काल भवन खाली करने का निर्देश दिया गया है, ताकि दुर्घटनाओं और जनहानि को रोका जा सके।

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